हमास और इस्राइल एक साल से अधिक समय जंग लड़ रहे हैं। इस्राइल द्वारा हमास को खत्म करने का संकल्प गाजा पट्टी के लोगों पर भारी पड़ रहा। यह शहर मलबों के ढेर में तब्दील हो गया है। वहीं, हमास भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। इस बीच, अमेरिका और अरब देशों के मध्यस्थ संघर्ष विराम और गाजा में बनाए बंधकों की रिहाई को लेकर लगातार कोशिश कर रहा है। इस प्रयास में काफी प्रगति दिखी है, मगर अभी तक एक समझौता नहीं हो पाया है। सोमवार को कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि अगले कुछ दिन इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
15 महीने से जारी युद्ध
तीन अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संघर्ष विराम समझौते में प्रगति हुई है। आने वाले दिन मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाली 15 महीने से अधिक की लड़ाई को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। तीन अधिकारियों में से एक और हमास के एक अधिकारी ने कहा कि अभी भी कई बाधाओं को दूर करना बाकी है। पिछले एक साल में कई मौकों पर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे समझौते पर पहुंचने की कगार पर थे।
रातों-रात समझौते में दिखी प्रगति
बातचीत से परिचित एक शख्स ने कहा कि रातों-रात एक सफलता मिली है और प्रस्तावित सौदे पर बात बन सकती है। इस्राइल और हमास के वार्ताकार अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए अपने नेताओं के पास वापस ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि खाड़ी देश कतर के मध्यस्थों ने हमास पर समझौते को स्वीकार करने के लिए नए सिरे से दबाव डाला है, जबकि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ इस्राइलियों पर दबाव डाल रहे हैं। विटकॉफ हाल ही में वार्ता में शामिल हुए और हाल के दिनों में इस क्षेत्र में रहे हैं।
अगले 24 घंटे अहम
अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थों ने प्रत्येक पक्ष को मसौदा सौदा सौंप दिया है और अगले 24 घंटे निर्णायक होंगे। एक मिस्र के अधिकारी ने कहा कि रातों-रात अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन इसमें कुछ और दिन लगने की संभावना है। दोनों पक्ष ट्रंप के 20 जनवरी के उद्घाटन से पहले एक समझौते का लक्ष्य बना रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि वार्ता अच्छी स्थिति में है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है। हालांकि, हमास के एक अधिकारी ने कहा कि कई विवादास्पद मुद्दों को अभी भी हल करने की आवश्यकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जो अपनी जिम्मेदारी छोड़ने से पहले इस समझौते को पूरा करना चाहते हैं, ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की है।
यह है मामला
हमास ने सात अक्तूबर 2023 को इस्राइली शहरों पर पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागकर हमले की शुरुआत की थी। इसके बाद हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर लोगों को मौत के घाट उतारा। इसके जवाब में इस्राइल ने हमास आतंकियों के खिलाफ गाजा में ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन में गाजा स्थित हमास के ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की गई है, जिससे अधिकतर गाजा खंडहर में तब्दील हो गया है। उस समय हमास ने इस्राइल में हमला कर करीब 1,200 लोगों को मार डाला और 250 लोगों को अगवा कर लिया था। अब भी करीब 100 बंधक गाजा में हैं, जिनमें से इस्राइल का मानना है कि एक तिहाई बंधक हमले में मारे गए थे या कैद में मारे गए।
लाखों लोग तंबू में रहने को मजबूर
युद्ध ने गाजा के बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है और करीब 90 फीसदी लोग विस्थापित हो गए हैं। लाखों लोग तंबू में रह रहे हैं और भोजन एवं अन्य जरूरी सामान की भारी कमी है।