वंदे भारत अभियान के तहत अमेरिका से भारत लौटे पांच ओसीआई कार्ड धारक परिवारों ने मुंबई हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाया है। सोमवार को पांच दंपति मुंबई हवाई अड्डे पहुंचे थे। पांचों भारतीय-अमेरिकी जोड़ों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका से मुंबई हवाई अड्डे पहुंचने पर आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया।
ओसीआई कार्ड धारकों के नजदीकी रिश्तेदारों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर आरोप लगाया कि न्यूयार्क से मुंबई हवाई अड्डे पर आने के बाद सात घंटे तक आव्रजन अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। एक परिजन ने कहा, 'एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि संभवतः उन्हें देश में घुसने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अमेरिका में भारत के वाणिज्यिक दूतावास के पास कोई अधिकार नहीं है।'
परिजन ने कहा, 'वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? विमान से इतनी दूर से आने और घर से इतने दिनों तक दूर रहने के बाद उनके साथ ऐसा किया जा रहा है? इसके अलावा जरूरत से ज्यादा समय तक हवाई अड्डे पर रहने का खतरा भी है।' मुंबई हवाई अड्डे पर फंसे ओसीआई कार्ड धारकों ने आरोप लगाया कि हवाई अड्डे पर सात घंटे के दौरान उन्हें कुछ भी खाने पीने के लिए नहीं दिया गया।
इस मामले मेंं न्यूयार्क स्थित सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी ने कहा, 'यह चौंका देने वाली बात है कि भारतीय अधिकारी ओसीआई कार्ड धारकों के साथ ऐसा बर्ताव कर रहे हैं।’ भंडारी ने कहा कि उन्होंने इस मामले के संबंध में मुंबई और दिल्ली में अधिकारियों से बात की है और नागर विमानन सचिव ने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। भंडारी ने कहा, 'ओसीआई कार्ड धारकों को बताया गया कि वह भारत की यात्रा करने के मानदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं।'
गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप को देखते हुए लागू प्रतिबंधों के चलते ओसीआई कार्ड धारकों में कुछ श्रेणियों के लोगों को भारत की यात्रा करने की अनुमति दी गई है।
बता दें कि भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई कार्ड जारी किया जाता है और अधिकतम मामलों में उन्हें वीजा मुक्त यात्रा करने की अनुमति होती है।