भारत और चीन की मदद से बांग्लादेश कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने और इससे बचने के एहतियाती उपाय करने की जद्दोजहद में लगा है, लेकिन इस पूरे क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे सामुदायिक संक्रमण से खुद को बचा नहीं पा रहा है।
यहां अबतक कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 930 पहुंच चुकी है और 68 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इसे देखते हुए चीन ने अपनी 10 सदस्यीय मेडिकल टीम वहां भेजी है जो वहां के अस्पतालों में जाकर स्थानीय डाक्टर्स को ट्रेनिंग देगी।
इससे पहले भारत ने बांग्लादेश को 30 हजार टेस्ट किट भेजी थीं।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन की टीम देश के तमाम अस्पतालों, क्वारंटीन सेंटर और जांच केंद्रों का दौरा करेगी और मामले बढ़ने की वजह तलाशने के साथ ही स्थानीय लोगों को स्थिति से बेहतर तरीके से निपटने की ट्रेनिंग देगी। इस टीम में चार महिला डॉक्टर भी हैं।
चीन की टीम का स्वागत करते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ ए के अब्दुल मोमेन ने कहा कि किसी भी देश के लिए अकेले इस वैश्विक महामारी से मुकाबला कर पाना संभव नहीं है, इसलिए तमाम देशों की मदद और सहयोग से ही हम इससे निजात पा सकते हैं।
उधर बांग्लादेश में रोजाना कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और एक एक दिन में ढाई से तीन हजार मामले सामने आ रहे हैं।
पिछले महीने भारत की तरफ से 30 हजार आरटी पीसीआर कोविड-19 टेस्ट किट भेजी गई थीं। सार्क कोविड-19 आपातकालीन कोष की तरफ से बांग्लादेश को तीसरी बार मदद पहुंचाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के बीच इस बारे में अप्रैल में फोन पर बात होने के बाद भारत ने प्राथमिकता के आधार पर बांग्लादेश को हर तरह की मदद करने का भरोसा दिलाया था।