जी20-जी7 और एपीईसी के लिए ओईसीडी शेरपा एंड्रियास शाल ने भारत की जी20 अध्यक्षता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता ने प्रभावशाली परिणाम दिए हैं। इस समय विश्व में भू-राजनीतिक चुनौतियां अधिक हैं। भारत की अध्यक्षता असल में काफी प्रभावशाली थी। भारत ने संगठन में अफ्रीकी संघ को शामिल करवाया। हम सभी अफ्रीकी संघ का समर्थन करते हैं। जी20 का 21वां सदस्य होने के कारण मुझे लगता है कि अफ्रीकी आवाजों को बढ़ाना महत्वपूर्ण है। हमने दक्षिण अफ्रीका के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। हम अपनी पहुंच और सहयोग का विस्तार कर रहे हैं। हम अफ्रीकी संघ को मेज पर देखकर बहुत खुश हैं।
भारत के साथ काम कर रहे
शेरपा शाल ने आगे कहा कि जलवायु और एसडीजी वित्त हमारे समय के महत्वपूर्ण चुनौतीपूर्ण कार्यों में से एक है। हमने कोविड-19 के दौरान एसडीजी को वित्तपोषित करने में काफी संशोधन खोए हैं। हम प्रगति दर्शा रहे हैं। हम दर्शा रहे हैं कि अभी और बहुत किया जा सकता है। हमारा मानना है कि खेल में अधिक निजी पूंजी पाने के लिए पेरिस वित्त शिखर सम्मेलन के लिए सचिवालय के रूप में काम कर रहे हैं। हम जी20 के मिश्रित वित्त सिद्धांतों को विकसित करने के लिए इंडोनेशिया और भारत के साथ काम कर रहे हैं।
अमेरिका ने जी-20 शिखर सम्मेलन को बताया पूरी तरह सफल
इससे पहले, अमेरिका भी कई मौकों पर भारत में आयोजित जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन को पूरी तरह सफल बता चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मीडिया से कहा था कि हमारा मानना है कि यह एक बड़ी सफलता है। जी-20 एक बड़ा संगठन है। रूस और चीन इसके सदस्य हैं। वहीं, अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए लीड स्टोरी के शीर्षक में लिखा था- भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन में विभाजित विश्व शक्तियों के बीच समझौता कराया, पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत।