पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी के पूर्व पति ने शनिवार को उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जोड़े पर व्यभिचार और धोखाधड़ी से शादी करने का आरोप लगाया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खावर फरीद मनेका ने 71 वर्षीय खान और 49 वर्षीय बुशरा बीबी के खिलाफ पाकिस्तान पीनल कोड के मुताबिक विभिन्न धाराओं में इस्लामाबाद पूर्व के वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश कुदरतुल्ला की अदालत में शिकायत दर्ज की।
भ्रष्टाचार के मामले में मिली थी जमानत
सुनवाई के दौरान मनेका ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 (शिकायतकर्ता से पूछताछ) के तहत एक बयान भी दाखिल किया। मनेका, जिन्हें हाल ही में भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत दी गई थी, उन्होंने बयान में अपना दावा दोहराया कि खान ने उनकी शादीशुदा जिंदगी बर्बाद कर दी।
इसके बाद अदालत ने मामले में उल्लिखित तीन गवाहों, इस्तेखाम-ए-पाकिस्तान पार्टी के सदस्य अवन चौधरी, निकाह कराने वाले मुफ्ती मुहम्मद सईद और मनेका के घर के कर्मचारी लतीफ को नोटिस जारी किया और उन्हें 28 नवंबर को अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
आरोपों की हुई कड़ी निंदा
इस हफ्ते मनेका ने बुशरा बीबी से शादी करने से पहले इमरान को उनकी शादीशुदा जिंदगी बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इन आरोपों की खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेताओं ने कड़ी आलोचना की, जिन्होंने मनेका के साक्षात्कार की नैतिक आवश्यकता पर सवाल उठाया, जबकि उनके पीएमएल-एन विरोधियों ने पूर्व प्रधानमंत्री पर कीचड़ उछालने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
शिकायत में मनेका ने अदालत से आग्रह किया कि खान और बुशरा को न्याय के हित में कानून के अनुसार बुलाया जाए और कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि पीटीआई प्रमुख अक्सर आध्यात्मिक उपचार की आड़ में उनकी अनुपस्थिति में घंटों उनके घर आते थे, जो न केवल अवांछनीय बल्कि अनैतिक था।
2017 को दे दिया था तलाक
उन्होंने आगे कहा कि खान देर रात बुशरा को फोन करते थे, बुशरा को बातचीत के लिए अलग संपर्क नंबर और मोबाइल फोन भी दिए गए थे। मनेका ने कहा कि उन्होंने 14 नवंबर, 2017 को बुशरा को तलाक दे दिया।
उन्होंने कहा, 'व्यभिचार का जघन्य अपराध प्रतिवादी नंबर 1 (इमरान) और 2 (बुशरा) द्वारा किया गया है और 1 जनवरी, 2018 को शादी का नाटक रचा गया था।' इससे एक दिन पहले इसी तरह के मामले में एक याचिकाकर्ता ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए अपनी याचिका वापस ले ली थी।