अमेरिका में वैक्सीन पर शोध करते वैज्ञानिक
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हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार वैज्ञानिकों ने एक नया उपकरण विकसित किया है। यह नई जांच तेजी से अपना रूप बदल रहे कोरोना वायरस की दवा की खोज में तेजी ला सकती है। कोरोना वायरस से कोशिकाओं को संक्रमित करने वाली घातक बीमारी के खिलाफ उपचार की खोज को यह नई जांच संभावित रूप से तेज कर सकती है। यह सार्स-कोवि-2 वायरस की सतह पर मौजूद स्पाइक प्रोटीन के साथ एक फ्लोरोसेंट नैनोपार्टिकल जांच है।
यह जांच वायरस को मानव कोशिकाओं को बांधने और उनमें प्रवेश करने से रोकती है। अमेरिका में नेशनल सेंटर फॉर एडवांस ट्रांसलेशन साइंसेज (एनसीएटीएस) के शोधकर्ताओं सहित अन्य के अनुसार इस नई जांच का उपयोग शोधों में किया जा सकता है ताकि मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने से वायरस को रोकने के लिए चिकित्सीय क्षमता को तेजी से नापा जा सके।
अमेरिका में नौसेना अनुसंधान प्रयोगशाला (एनआरएल) में अध्ययन के सह-लेखक किरिल गोर्शकोव ने बताया कि हमारा लक्ष्य उन यौगिकों को खोजने के लिए एक स्क्रीनिंग सिस्टम बनाना है जो सार्स-कोवि-2 को कोशिकाओं से बांधने और उन्हें संक्रमित करने के लिए रोकते हैं। यह अध्ययन एसीएस नैनो जर्नल में प्रकाशित किया गया है।