चाइना फॉरेन अफेयर्स यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय संबंध संस्थान में प्रोफेसर ली हाइदोंग ने कहा है कि अंतरिक्ष में अपनी बढ़त कायम करने की ये योजना अमेरिका के एकतरफा कदम उठाने के नजरिए को जाहिर करता है। यह अंतरिक्ष के इस्तेमाल के बारे में बनी अंतरराष्ट्रीय आम सहमति के खिलाफ है।
वेबसाइट द यूरशियन टाइम्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि 1979 संयुक्त राष्ट्र महासभा ने चांद संधि को मंजूरी दी थी। उसमें कहा गया था कि चांद या किसी अन्य खगोलीय पिंड पर कोई देश कब्जा कर अपनी संप्रभुता जताने की कोशिश नहीं करेगा। अमेरिका उस संधि में शामिल नहीं हुआ था। लेकिन अभी तक कमोबेश उसने उसने इस संधि में तय नियमों का पालन किया है। लेकिन अब ट्रंप प्रशासन उसे धता बताने की कोशिश कर रहा है।
अब ये देखने की बात होगी कि क्या अगले महीने सत्ता संभालने के बाद जो बाइडेन प्रशासन भी इसी नीति पर चलता है या इस बारे में कोई अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने की कोशिश करता है। फिलहाल, एसपीडी- 6 से अमेरिका और चीन के बीच टकराव का एक और मुद्दा सामने आ गया है।