एक तरफ जहां पूरी दुनिया में कोरोनावायरस (जिसे अब कोविड-19 कहा जा रहा है) से जुड़ी एक एक खबर पर सबकी निगाह है, म्यांमार सरकार ने एक बिल पास कर कोरोना से जुड़ी खबरों पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है। म्यांमार सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1995 के अपने कानून में बदलाव करते हुए ऐसी बीमारियों को लेकर तेजी से फैलने वाली अफवाहों और लोगों में आतंक के माहौल को रोकने की कोशिश करने के लिए यह पहल की है। इसके लिए संशोधिक बिल को अखबारों में छापकर सरकार एक रायशुमारी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी डॉ खिन खिन गई ने बताया कि अगर यह बिल लागू होता है तो ऐसी रिपोर्ट छापने वाले पत्रकार को आर्थिक जुर्माने के अलावा 6 महीने की कैद भी हो सकती है। उधर म्यांमार प्रेस काउंसिल ने सरकार की इस कोशिश को वैसे तो फर्जी खबरों को रोकने की एक कोशिश बताया लेकिन यह खतरा भी जाहिर किया कि इससे जो सही और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार हैं, उन्हें भी फंसाया जा सकता है। प्रेस काउंसिल के पदाधिकारी यू मिंट क्याओ ने कहा कि सरकार किसी भी खबर के लिए यह रवैया नहीं अपना सकती और सही खबरों को नहीं रोक सकती। इससे तो लोगों में और अफरा तफरी मच जाएगी। सही खबरें जानने और घटनाओं के तमाम पहलुओं को समझने का पाठकों को हक है।