अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान पर 29 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा पाकिस्तान सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय के तौर पर है। हालांकि ट्रंप के इस सख्ती के बीच भी पाकिस्तान एक नई संभावना की तालाश में है, जिसके लिए टैरिफ के प्रभाव से बचने के लिए पाकिस्तान सरकार ने दो समितियों का गठन किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। खासकर ट्रंप की ये नीति ज्यादा चर्चा का विषय तब बना गई जब आर्थिक तंगी से जुझ रहे पाकिस्तान पर उन्होंने 29 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया। हालांकि पाकिस्तान के वित्त मंत्री के द्वारा दी गई हालिया बयान में ये बातें सामने आई है कि पाकिस्तान अमेरिका के इस एलान से निपटने के लिए तैयारी में जुट गया है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान से आयात पर 29 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, जिससे पाकिस्तान को नुकसान हो सकता है, क्योंकि अमेरिका पाकिस्तान का प्रमुख निर्यात गंतव्य है।
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पाकिस्तान ने किया समितियों का गठन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टैरिफ के आर्थिक प्रभाव से बचने के लिए दो समितियों को गठन किया है, इनमें एक संचालन समिति होगी, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब करेंगे और इसमें मंत्री, प्रमुख व्यापारिक नेता, सचिव और शिक्षाविद शामिल होंगे। वहीं दूसरी समिति वाणिज्य सचिव के नेतृत्व में एक कार्य समूह होगा।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद ऑरंगजेब ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मामले पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कभी भी एक अच्छे संकट को बर्बाद नहीं करना चाहिए। यह संकट पाकिस्तान के लिए चुनौतियों के साथ-साथ बातचीत और दीर्घकालिक संबंधों के अवसर भी लेकर आया है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य अमेरिकी प्रशासन के लिए एक सशक्त पैकेज तैयार करना है, जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मंजूरी के बाद अमेरिका भेजा जाएगा।
अमेरिका- पाकिस्तान के जुड़ाव पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ रचनात्मक तरीके से जुड़ा हुआ है। साथ ही उन्होंने आने वाले 9 अप्रैल तक इस मुद्दे पर बातचीत को मजबूती देने की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही आर्थिक स्थिरता की ओर इशारा करते हुए औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान ने व्यापक आर्थिक स्थिरता प्राप्त कर ली है और अब देश को निर्यात और उत्पादकता आधारित विकास की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने ऑटो सेक्टर में हाल ही में कारों के निर्यात की शुरुआत की है, और मुद्रास्फीति में कमी आई है, जो अब 0.7 प्रतिशत पर आ गई है, जो पिछले छह दशकों में सबसे कम दर है।