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नोबेल शांति पुरस्कार विवाद: ट्रंप की नाराजगी, नॉर्वे PM बोले- सरकार नहीं, स्वतंत्र समिति देती है पुरस्कार

Tue, 20 Jan 2026 07:29 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो

सार

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट किया कि नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला नॉर्वे सरकार नहीं बल्कि एक स्वतंत्र समिति करती है। ट्रंप के संदेश में ग्रीनलैंड, टैरिफ और वैश्विक राजनीति को लेकर कड़े बयान सामने आए।

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नॉर्वे के पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संदेश पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को लेकर नाराजगी जताई थी। प्रधानमंत्री स्टोरे ने साफ शब्दों में कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे सरकार नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र नोबेल समिति द्वारा दिया जाता है।
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स्टोरे ने बताया कि उन्होंने यह बात स्वयं ट्रंप को भी स्पष्ट रूप से समझाई है। उन्होंने कहा मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट किया है कि यह सर्वविदित तथ्य है कि नोबेल शांति पुरस्कार का निर्णय एक स्वतंत्र समिति करती है, न कि नॉर्वे सरकार।

कैसे शुरू हुई बातचीत?
प्रधानमंत्री स्टोरे के अनुसार, ट्रंप का यह संदेश उस समय आया जब उन्होंने और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने मिलकर अमेरिका द्वारा प्रस्तावित टैरिफ बढ़ोतरी का विरोध करते हुए ट्रंप को एक संदेश भेजा था। यह टैरिफ नॉर्वे, फिनलैंड और कुछ अन्य देशों पर लगाए जाने की बात कही गई थी। स्टोरे ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए ट्रंप के साथ फोन कॉल का प्रस्ताव भी रखा था। हालांकि, ट्रंप ने अपने जवाबी संदेश को अन्य नाटो नेताओं के साथ साझा करने का निर्णय लिया।
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नोबेल पुरस्कार पर ट्रंप की नाराजगी
ट्रंप के संदेश में कहा गया कि नॉर्वे द्वारा उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार न दिए जाने से उनके वैश्विक राजनीति और गठबंधन नीति के दृष्टिकोण में बदलाव आया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 8 युद्ध रुकवाए, इसके बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।

ग्रीनलैंड पर तीखा रुख
ट्रंप के संदेश का सबसे विवादास्पद हिस्सा ग्रीनलैंड को लेकर था। उन्होंने डेनमार्क के ऐतिहासिक और कानूनी अधिकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस क्षेत्र की सुरक्षा नहीं कर सकता। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि दुनिया तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक अमेरिका का ग्रीनलैंड पर पूर्ण नियंत्रण न हो।
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नॉर्वे का स्पष्ट रुख
प्रधानमंत्री स्टोरे ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर नॉर्वे की स्थिति दोहराते हुए कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क के साम्राज्य का हिस्सा है और नॉर्वे इस मामले में पूरी तरह डेनमार्क के साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नाटो जिम्मेदार और संतुलित भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप ने यह भी धमकी दी है कि यदि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के देश ग्रीनलैंड को अमेरिका को बेचने पर सहमत नहीं होते हैं, तो उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है।


 
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