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K2: रिकॉर्ड बनाने के चक्कर में मरते हुए शेरपा को छोड़ गई पर्वतारोही, अब मिल रहीं मौत की धमकियां

Sat, 12 Aug 2023 10:13 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

27 जुलाई को हरिला ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक के2 पर चढ़ाई पूरी करने के साथ ही यह कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। 
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क्रिस्टीन हरिला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नॉर्वे की एक पर्वतारोही दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर सबसे कम समय में चढ़ाई करने वाली पर्वतारोही बन गई है। हालांकि इस रिकॉर्ड को पूरा करने के चक्कर में पर्वतारोही पर एक मरते हुए शेरपा को छोड़कर जाने का आरोप लग रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर युवा पर्वतारोही की खूब आलोचना भी हो रही है। आलोचना के बीच अब पर्वतारोही ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सफाई दी है। 
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हरिला ने बनाया कीर्तिमान
बता दें कि क्रिस्टीन हारिला (37 वर्षीय) और  उनके नेपाली गाइड तेनजिन लामा दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर सबसे कम समय यानी तीन महीने और एक दिन में चढ़ाई पूरी करने वाले पर्वतारोही बन गए हैं। 27 जुलाई को हरिला ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक के2 पर चढ़ाई पूरी करने के साथ ही यह कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। 

वीडियो को लेकर आलोचकों के निशाने पर आईं हरिला
हरिला के के2 चोटी पर चढ़ाई के दौरान का एक वीडियो सामने आया, जिसमें हरिला और उनकी टीम एक संकरी चढ़ाई पर चढ़ते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि इस दौरान एक अन्य टीम के साथ के2 की चढ़ाई कर रहा शेरपा मोहम्मद हसन रास्ते में बेहोश था लेकिन हरिला और उनकी टीम के सदस्य मर रहे हसन के शरीर के ऊपर से गुजरते दिख रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा हरिला और उनकी टीम पर फूट पड़ा है और लोग उनकी तीखी आलोचना कर रहे हैं। बता दें कि मोहम्मद हसन की बाद में मौत हो गई थी। 
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क्रिस्टीन हरिला ने दी ये सफाई
क्रिस्टीन हरिला ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा। इस पोस्ट में हारिला ने बताया कि 'उन्होंने मरते हुए शेरपा को बचाने के लिए वो सब कुछ किया था, जो हम कर सकते थे।' हरिला ने कहा कि 'सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ काफी कुछ बोला जा रहा है, यहां तक कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।' हरिला ने बताया कि उन्होंने और उनके तीन अन्य साथियों ने बॉटलनेक इलाके में डेढ़ घंटे तक उसे बचाने की कोशिश की थी। 

बता दें कि के2 चोटी पर चढ़ाई के दौरान बॉटलनेक इलाका बेहद खतरनाक माना जाता है। कई पर्वतारोहियों की यहां पर मौत हो चुकी है। क्रिस्टीन ने बताया कि 'उनका कैमरामैन गैब्रियल तो हसन की मदद के लिए करीब एक घंटे तक वहीं रुका था। इस दौरान गैब्रियल ने हसन को गर्म पानी और ऑक्सीजन मुहैया कराई लेकिन एक घंटे बाद जब गैब्रियल की ऑक्सीजन कम होने लगी तो उसे भी जाना पड़ा।' हरिला ने ये भी बताया कि वह लोग हसन के शव को नीचे लाने में भी सक्षम नहीं थे। हरिला ने पोस्ट में लिखा कि 'उसकी मौत बेहद दुखद है और मुझे उसके परिवार के लिए काफी बुरा लग रहा है लेकिन हमने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की थी, खासकर गैब्रियल ने।' 
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