फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर कोरिया का घातक मिसाइल परीक्षण: हवा में रास्ता बदलकर देगी चकमा, दक्षिण कोरिया-जापान की क्यों बढ़ी चिंता?

Sat, 03 Oct 2026 10:10 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, सियोल।

सार

उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया है। उसका कहना है कि मिसाइल कम ऊंचाई पर रास्ता बदल सकती है, जिससे उसे रोकना मुश्किल होगा। यह परीक्षण सीमा पर बारूदी सुरंगों के विस्फोट को लेकर दक्षिण कोरिया के साथ बढ़े तनाव के बीच हुआ है। अमेरिका ने कहा है कि फिलहाल इस परीक्षण से उसे या उसके सहयोगियों को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
 
विज्ञापन
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर कोरिया ने शनिवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया। देश के नेता किम जोंग उन ने खुद इस परीक्षण की निगरानी की। उनकी बहन किम यो जोंग ने मिसाइल की खासियतें बताईं। उनके मुताबिक, यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ते हुए अपना रास्ता बदल सकती है। इससे दक्षिण कोरिया और जापान की रक्षा प्रणालियों के लिए इसे रोकना मुश्किल हो सकता है। उत्तर कोरिया ने मिसाइल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी क्षमताएं होने का भी दावा किया। 
विज्ञापन


मिसाइल में क्या-क्या खास?
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, मिसाइल को पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान से दागा गया। उसने 700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी उड़ान दूरी करीब 680 किलोमीटर बताई। किम यो जोंग ने दोनों देशों के आंकड़ों में अंतर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि दोनों देश मिसाइल की उड़ान पर ठीक से नजर नहीं रख सके। जापान की सेना के मुताबिक, मिसाइल उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरी। दक्षिण कोरिया की सेना ने किम के दावों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

बारूदी सुरंगों को लेकर दोनों देशों में विवाद क्यों?
दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। इसकी एक वजह सीमा पर हुए बारूदी सुरंगों के विस्फोट हैं। 21 सितंबर को सैन्य सीमा से करीब 10 मीटर दक्षिण में विस्फोट हुए थे। इनमें दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान ने घटनास्थल की जांच की। जांच में उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों को विस्फोट की वजह बताया गया। संयुक्त राष्ट्र कमान ने इसे कोरियाई युद्ध के बाद हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना। उत्तर कोरिया ने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है।
विज्ञापन


सीमा पर तनाव बढ़ने की दूसरी वजह क्या?
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से माफी मांगने और सीमा पर किलेबंदी रोकने को कहा है। उत्तर कोरिया सीमा पर बारूदी सुरंगें और टैंक रोकने वाले अवरोधक लगा रहा है। किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया की मांगों को बेहद दयनीय बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया से हमेशा के लिए संबंध खत्म करना चाहता है। 30 सितंबर को भी उन्होंने विस्फोटों में उत्तर कोरिया की भूमिका से इनकार किया था। साथ ही, सीमा मजबूत करने में लगे उत्तर कोरियाई सैनिकों पर दक्षिण कोरिया की ओर से गोली चलाए जाने पर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी।

यह भी पढ़ें: 'भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक': यूक्रेनी विदेश मंत्री सिबिहा ने की तारीफ, खत्म होने वाला है रूस के साथ युद्ध?
विज्ञापन


क्या पहले भी मिसाइल परीक्षण कर चुका है उत्तर कोरिया?
हाल के हफ्तों में उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए हैं। उसने सैन्य अभ्यास किए और एक नए युद्धपोत को भी सेवा में शामिल किया। 20 सितंबर को वॉनसान में ही हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया गया था। उत्तर कोरिया ने 2024 में ठोस ईंधन वाली मध्यम दूरी की मिसाइलों का भी प्रदर्शन किया था। इन हथियारों को दक्षिण कोरिया और जापान की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चुनौती देने के लिए विकसित किया गया है।
  • दक्षिण कोरिया की सेना ने उत्तर कोरिया की ओर से और मिसाइलें दागे जाने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। दक्षिण कोरिया ने अमेरिका और जापान के साथ मिसाइल से जुड़ी जानकारी साझा की है।
  • दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने परीक्षण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी प्रशांत कमान ने कहा कि मिसाइल परीक्षण से अमेरिकी कर्मियों, क्षेत्र या उसके सहयोगियों को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
  • 2019 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद किम जोंग उन ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत काफी हद तक रोक दी है।
  • उत्तर कोरिया अब रूस के साथ संबंधों पर ज्यादा जोर दे रहा है। उसने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए हजारों सैनिक और बड़ी मात्रा में हथियार भेजे हैं।
  • उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम कई तरह की मिसाइलें हैं। इनमें अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम लंबी दूरी की मिसाइलें भी शामिल हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें