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झूठ बोलता है चीन: ड्रैगन से बचने के लिए किम जोंग को है अमेरिकी सेना की जरूरत! पूर्व विदेश मंत्री का दावा

Wed, 25 Jan 2023 12:10 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

पोम्पेओ ने दावा किया कि जब उन्होंने किम जोंग से कहा कि चीन बार-बार अमेरिका से यह कहता है कि उत्तर कोरियाई नेता चाहते हैं कि अमेरिकी सेना दक्षिण कोरिया से हट जाए, तो किम जोंग ने कहा कि चीन इस बारे में झूठ बोल रहा है।
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माइक पोम्पिओ - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरका के पूर्व विदेश सचिव माइक पोम्पिओ ने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन और चीन के बारे में चौंकाने वाला दावा किया है। अपने नए संस्मरण में पोम्पिओ ने कहा है कि किम जोंग ने उसने एक बार कहा था कि चीन के प्रभुत्व से बचाव के लिए उन्हें दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना की जरूरत है। 

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'नेवर गिव एन इंच, फाइटिंग फॉर द अमेरिका आई लव' शीर्षक वाले अपने नए संस्मरण में, पूर्व अमेरिकी विदेश सचिव ने कहा है कि उत्तर कोरियाई नेता दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। उन्होंने यह दावा 30 मार्च, 2018 को अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन से पहले प्योंगयांग में किम जोंग के साथ अपनी पहली मुलाकात और उस दौरान हुई बातचीत के आधार पर किया है। 

उत्तर कोरिया पर दुनिया से झूठ बोल रहा चीन!
पोम्पेओ ने दावा किया कि जब उन्होंने किम जोंग से कहा कि चीन बार-बार अमेरिका से यह कहता है कि उत्तर कोरियाई नेता चाहते हैं कि अमेरिकी सेना दक्षिण कोरिया से हट जाए, तो किम जोंग ने कहा कि चीन इस बारे में झूठ बोल रहा है और उन्हें चीन से बचने के लिए दक्षिण कोरिया अमेरिकी सेना की जरूरत है, जिससे तिब्बत और शिनजियांग जैसे मुद्दों का निस्तारण हो सके। 
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भारत-पाकिस्तान कर रहे थे परमाणु युद्ध की तैयारी
माइक पोम्पिओ ने दावा किया है कि तत्कालीन भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन्हें बताया था कि पाकिस्तान फरवरी 2019 में बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बाद परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है। यह सुनकर वह दंग रह गए थे। पोम्पिओ के मुताबिक, सुषमा स्वराज ने कहा था कि इसको देखते हुए भारत भी आक्रामक प्रतिक्रिया की तैयारी कर रहा है। पोम्पियो ने कहा कि यह घटना तब हुई, जब वह 27-28 फरवरी को अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन के लिए हनोई में थे। इसके बाद उनकी टीम ने इस संकट को टालने के लिए भारत और पाकिस्तान के साथ रात भर काम किया था। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, मुझे नहीं लगता कि दुनिया को पता है कि फरवरी 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव परमाणु हमले के कितना करीब आ गया था।

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