उत्तर कोरिया की ओर से दागी मिसाइल
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उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने नए साल में अपना रुख नहीं बदला है। बुधवार को उत्तर कोरिया ने 2022 के पहले सप्ताह में ही बैलेस्टिक मिसाइल दाग कर नए साल में भी अपने आक्रामक इरादे कायम रखे हैं। इससे उत्तर व दक्षिण कोरिया व जापान के बीच तनाव फिर बढ़ सकता है।
उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी। इसके साथ ही उसने अपने नेता किम जोंग उन के नए साल के संकल्प को दोहराया। किम जोंग ने हाल ही में कहा था कि अस्थिर अंतरराष्ट्रीय स्थिति का मुकाबला करने के लिए देश की सेना को मजबूत किया जाएगा।
जापान के तटरक्षक बल ने सबसे पहले उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल देखी। उसका कहना है कि यह बैलेस्टिक मिसाइल हो सकती है। इसके बाद देश के रक्षा मंत्री ने कहा कि यह करीब 500 किलोमीटर दूर गई। जापान के प्रधानमंत्री फुमिया किशिदा ने कहा है कि पिछले साल से ही उत्तर कोरिया लगातार मिसाइलें दाग रहा है, यह बहुत खेदजनक है।
दक्षिण कोरिया ने कहा- हमारी भी सैन्य तैयारी कायम
दक्षिण कोरिया के संयुक्त सेना प्रमुख ने भी कहा कि परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया ने मिसाइल दागी है, यह बैलेस्टिक मिसाइल हो सकती है। उन्होंने एक बयान में कहा कि हमारी भी सैन्य तैयारी पूरी है। हमारी सेना अमेरिका के साथ निकट सहयोग कायम रखते हुए सतर्कता से निगरानी रख रही है। उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में इस तरह से मिसाइलें दागी जाती रही हैं। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाकर चिंता व्यक्त की है। परिषद ने कहा कि उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल ऐसे समय में दागी जब आंतरिक व वैश्विक स्थिरता जरूरी है। हम उत्तर कोरिया से वार्ता की मेज पर आने का आग्रह करते हैं।
सुरक्षा परिषद ने लगा रखी है पाबंदी
उत्तर कोरिया ने नए साल में फिर मिसाइल दाग कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पाबंदी को भी धता बता दी है। सुरक्षा परिषद ने उस पर सभी बैलेस्टिक मिसाइलों व परमाणु परीक्षणों पर रोक लगा रखी है। इनसे जुड़े उसके अभियानों पर भी पाबंदी है।