प्योंगयांग द्वारा परमाणु सक्षम मिसाइल का जापान के ऊपर से प्रक्षेपण के जवाब में अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप के पास एक विमानवाहक पोत को तैनात कर दिया है। इसके बाद उत्तर कोरिया ने भी अपने पूर्वी जलक्षेत्र की ओर कम दूरी की दो बैलेस्टिक मिसाइल दागीं। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
मिसाइल के ताजा प्रक्षेपण इस बात का संकेत देते हैं कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर अपने एटमी शस्त्रागार को मजबूत करने के लिए हथियारों का परीक्षण जारी रखेंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, किम का लक्ष्य वैध परमाणु संपन्न देश के रूप में अमेरिकी मान्यता हासिल करना है और उस पर लगे प्रतिबंधों को हटवाना है।
दक्षिण कोरिया ने कहा, उत्तर कोरियाई मिसाइलें प्योंगयांग क्षेत्र से 22 मिनट के अंतराल के बीच कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच प्रक्षेपित की गईं। पहली मिसाइल ने 350 किलोमीटर की दूरी तय की और यह 80 किमी की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंची, जबकि दूसरी मिसाइल ने 800 किमी की दूरी तय की और यह 60 किमी की अधिकतम ऊंचाई पर पहुंची। द. कोरिया व जापान ने सतर्कता बढ़ा दी है। ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि प्योंगयांग के समसोक क्षेत्र से सुबह 6:01 से 6:23 बजे (स्थानीय समय) के बीच मिसाइल दागे जाने की जानकारी मिली।
जापान ने कहा, नाकाबिल-ए-बर्दाश्त
जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने इन प्रक्षेपणों को ‘कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकने वाला’ बताया। उत्तर कोरिया ने पिछले दो हफ्ते से भी कम समय में छठी बार हथियारों का प्रक्षेपण किया है। इस बीच, दक्षिण कोरिया की बैलेस्टिक मिसाइल अमेरिका के साथ एक ‘लाइव-फायर ड्रिल’ में विफल हो गई।
भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने की प्रक्षेपण की निंदा
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ भारत भी उन देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने उत्तर कोरिया द्वारा जापान के ऊपर से बैलेस्टिक मिसाइल प्रक्षेपित किए जाने की निंदा की है। भारत ने कहा कि इस तरह के प्रक्षेपण क्षेत्र और उससे परे भी शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने उत्तर कोरिया को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, हमने बैलेस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की चिंताजनक खबरों पर गौर किया है। यह निंदनीय है। बाद में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने अल्बानिया, ब्राजील, फ्रांस, भारत, आयरलैंड, जापान, नॉर्वे, दक्षिण कोरिया, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका की ओर से एक साझा बयान जारी कर मिसाइल प्रक्षेपण की निंदा की।