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उत्तर कोरिया: तानाशाह के देश में तालिबानी सजा, दक्षिण कोरियाई फिल्म देखने वाले दो नाबालिगों को मारी गोली

Tue, 06 Dec 2022 01:22 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग

सार

दिसंबर 2020 में उत्तर कोरियाई सरकार द्वारा पारित एक नए कानून के अनुसार, दक्षिण कोरिया से रिलीज किसी तरह की फिल्म से जुड़ी सामग्री का उपभोग करना एक जघन्य अपराध है।
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किम जोंग उन - फोटो : Social Media
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विस्तार
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तानाशाह किम जोंग उन के देश उत्तर कोरिया में क्रूरता अपने चरम पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि यहां दक्षिण कोरियाई फिल्म देखने और साझा करने पर दो नाबालिग बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।  रेडियो फ्री एशिया के मुताबिक उत्तर कोरिया में पहली बार इस तरह की सजा दी गई है। हालांकि, दिसंबर 2020 में उत्तर कोरियाई सरकार द्वारा एक कानून पारित करवाया गया था जिसके तहत दक्षिण कोरिया से रिलीज किसी तरह की फिल्म से जुड़ी सामग्री का उपभोग करना एक जघन्य अपराध माना गया था। बता दें कि जिन नाबालिगों की गोली मारकर हत्या की गई है, उनकी उम्र 16 से 17 साल के करीब होने का अनुमान है।

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दोनों नाबालिगों को सरेआम मारी गोली
दोनों नाबालिग अक्तूबर की शुरुआत में उत्तर कोरिया के रयांगगैंग प्रांत के एक हाई स्कूल में मिले, जो चीन के साथ अपनी सीमा साझा करता है, जहां उन्होंने कई कोरियाई और अमेरिकी नाटक शो देखे, द इंडिपेंडेंट ने कोरियाई मीडिया का हवाला देते हुए बताया। उत्तर कोरियाई सरकार को जैसे ही इस बात की खबर लगी वैसे ही दोनों नाबालिगों को जनता के सामने लाया गया और फिर सरेआम गोली मार दी गई। कोरियाई शासन के अनुसार, किशोरों द्वारा किए गए अपराध बुराई" थे और क्षेत्र के निवासियों को निष्पादन को देखने के लिए मजबूर किया गया था।

दक्षिण कोरिया को एक अमेरिकी कठपुतली मानता है उत्तर कोरिया 
बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग-उन ,दक्षिण कोरिया को एक अमेरिकी कठपुतली राज्य के रूप में  मानते हैं और सीमा पार करने वाले अपने किसी भी मीडिया के प्रति संवेदनशील हैं। लेकिन कड़े नियंत्रण के बावजूद, ऐसी वस्तुओं की अक्सर देश में यूएसबी ड्राइव या एस डी कार्ड पर तस्करी की जाती है। इन्हें आम तौर पर चीन से सीमा पर लाया जाता है और फिर उत्तरी कोरियाई लोगों के बीच बदल दिया जाता है।  

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