उत्तर कोरिया द्वारा प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के संचार के सभी रास्ते बंद करने के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को उत्तर कोरिया ने अंतर-कोरियाई सीमा पर लाउड स्पीकरों को फिर से स्थापित करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा वह लीफलेट्स और पंपलेट्स भी दक्षिण कोरिया के खिलाफ भेज रहा है। जबकि दक्षिण कोरिया ने उसे यह कार्रवाई बंद करने की अपील की है।
उत्तर कोरिया इस लाउड स्पीकरों से दक्षिण कोरिया के विरुद्ध प्रचार करता रहा है। हालांकि 2018 को हुए समझौते के बाद इन्हें हटा लिया गया था। इसके अलावा उत्तर कोरिया ने अपने प्रतिद्वंद्वी के विरुद्ध हाइड्रोजन के गुब्बारों से लीफलेट्स और पंपलेट्स छोड़कर दुष्प्रचार शुरू कर दिया है। इससे पहले उत्तर कोरिया ने दक्षिण के एक कार्यकर्ता समूह द्वारा इन्हीं पंपलेट्स को बांटने का विरोध किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक दुश्मन के खिलाफ पर्चा वितरण लगभग पूरा हो गया है। प्योंगयांग में प्रकाशन और प्रिंटिंग हाउसों ने 1.2 करोड़ पंपलेट छपवाए थे। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के मुताबिक, उत्तर ने एक साथ करीब 10 से ज्यादा क्षेत्रों में लाउड स्पीकर स्थापित कर लिए हैं। दोनों देशों के बीच ये लीफलेट्स और पंपलेट्स हाइड्रोजन के गुब्बारों के माध्यम सीमा पार से छोड़े जा रहे हैं।
अमेरिका, दक्षिण कोरिया के विरुद्ध नाराजगी
उत्तर कोरिया ने लीफलेट्स और पंपलेट्स से प्रचार कर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ नाराजगी जताई है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले साल फरवरी में वियतनाम में दूसरी शिखर बैठक के बाद से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों में रहने वाले लोग इसी तरह से अपना गुस्सा जाहिर करते हैं।
अब दक्षिण कोरिया ने कहा- सीमा पर करेंगे कड़ी चौकसी
दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह अब सीमा पर पुलिस लगाकर इस तरह के दुष्प्रचार करने वालों को रोकेगा। उसने उत्तर कोरिया से अपील की है कि वह सीमा पर इस तरह की उकसावे वाली कार्रवाई को रोक दे। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से अब इस तरह के पर्चे पर प्रतिबंध लगाने के लिए घरेलू कानूनों में संशोधन करने पर भी जोर दिया जा रहा है।