अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन
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उत्तर कोरिया ने अमेरिका के गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर अपना कड़ा विरोध जताते हुए इस प्रोजेक्ट को बहुत ही खतरनाक और धमकी भरा पहल बताया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिकन स्टडीज ने इस प्रोजेक्ट को अमेरिका फर्स्ट की सोच, अहंकार और मनमानी का उदाहरण बताया। साथ ही ये भी कहा कि यह अंतरिक्ष से परमाणु युद्ध शुरू करने की तैयारी जैसी है।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते 20 मई को गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम प्रोजेक्ट के डिजाइन को मंजूरी दी। साथ ही इसके लिए एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता की नियुक्ति भी की। यह प्रोजेक्ट लगभग 175 अरब डॉलर का है और इसका मकसद अमेरिका को मिसाइल हमलों से बचाना है।
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क्या है गोल्डन डोम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल मार्च में अमेरिकी संसद में दिए अपने भाषण में इस्राइल के आयरन डोम सुरक्षा कवच की तर्ज पर ही अपने देश में एक गोल्डन डोम बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद बीते मंगलवार को उन्होंने इस सिस्टम के निर्माण को लेकर मंजूरी भी दे दी। अमेरिका के पास फिलहाल ऐसी कोई सुरक्षा प्रणाली नहीं है, जिसके जरिए वह आधुनिक समय की हाइपरसोनिक मिसाइलों, ड्रोन हमलों की बाढ़ का सामना कर सके।
गोल्डन डोम कितना कारगर?
देखा जाए तो इस प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका दुनिया भर की कक्षा में सैकड़ों उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करेगा, जिनमें आधुनिक सेंसर और इंटरसेप्टर होंगे। इनका काम होगा किसी भी दुश्मन देश, जैसे चीन, ईरान, उत्तर कोरिया या रूस से छोड़े गए मिसाइलों को उड़ान भरते ही नष्ट कर देना।
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चीन भी जता चुका है विरोध
अब ऐसे में अमेरिका के गोल्डन डोम का विरोध दुनियाभर में होना शुरू हो चुका है। उत्तर कोरिया से पहले चीन भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुका है। चीन ने अमेरिका से इसे तुरंत बंद करने की अपील भी की है। वहीं उत्तर कोरिया और चीन दोनों का मानना है कि यह परियोजना वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।