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Nobel To Trump Demand: अब नेतन्याहू ने किया समर्थन, कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलना चाहिए नोबेल पुरस्कार

Thu, 09 Oct 2025 07:52 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।

सार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बयान दिया। उन्होंने ट्रंप को नोबेल सम्मान दिए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस सम्मान के हकदार हैं। बता दें कि ट्रंप खुद भी शांति पुरस्कार दिए जाने की बात कह चुके हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना ही चाहिए। एक्स पर एक पोस्ट में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति को टैग कर लिखा, ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दीजिए वे इसके हकदार हैं! उन्होंने ट्रंप की एक तस्वीर भी साझा की। इसमें ट्रंप और नेतन्याहू मजबूती से शांति (Peace Through Strength) लिखे बैनर के सामने इस्राइली झंडों और प्रशंसकों के बीच खड़े देखे जा सकते हैं।

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ट्रंप ने नोबेल पर UNGA में कही थी ये बात
नेतन्याहू के बयान से पहले ट्रंप ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में दावा किया कि उन्होंने अपने सात महीने के कार्यकाल में बतौर राष्ट्रपति सात 'अंतहीन' युद्ध समाप्त कराए हैं। ट्रंप ने अपनी सफलता गिनाते हुए दावा किया कि उन्होंने अपनी नीतियों और कौशल के बल पर कंबोडिया-थाईलैंड, सर्बिया, कांगो-रवांडा, इस्राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अजरबैजान के बीच संघर्षों को समाप्त कराया। ट्रंप यहीं नहीं रुके और पूरी हठधर्मिता के साथ पाकिस्तान-भारत के बीच तनाव घटाने का श्रेय भी लिया। यूएन के मंच से इतर भी ट्रंप करीब 30 अलग-अलग मौकों पर भारत-पाकिस्तान सीजफायर कराने का श्रेय ले चुके हैं। हालांकि, भारत ने इसका खंडन किया है।


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व्यापारिक कौशल की बदौलत युद्ध रुकवाने में सफलता
इसके अलावा ट्रंप ने बीते 21 सितंबर को वॉशिंगटन में अमेरिकी कॉर्नरस्टोन इंस्टीट्यूट के डिनर के दौरान भी दोहराया था कि उन्होंने 'भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रुकवाने में सफलता पाई थी।' उन्होंने अपनी टिप्पणी में ये बात भी जोड़ी थी कि 60 प्रतिशत युद्ध उन्होंने व्यापारिक कौशल के जरिए रोके। बकौल ट्रंप, 'मैंने भारत से कहा कि यदि आप लड़ाई जारी रखते हैं तो हम व्यापार नहीं करेंगे — और वे रुक गए।'

यूक्रेन और रूस के बीच लड़ाई नहीं रुकने से खफा हैं 
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से इतर ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा, 'मेरे राष्ट्रपति रहते ऐसा कभी नहीं हुआ। अगर वे राष्ट्रपति होते तो युद्ध की नौबत ही नहीं आती। ट्रंप ने कहा, उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से अपने संबंधों के आधार पर सोचा था कि यह संघर्ष आसानी से सुलझ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने संघर्ष विराम न होने के कारण पुतिन की आलोचना करते हुए कहा था कि यूक्रेनी सैनिकों से ज्यादा रूसी सैनिक मारे जा रहे हैं। 

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तेल की कीमतों में कमी... प्रयासों से रूके युद्ध, अब नोबेल का हक
ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि ऊर्जा और तेल की कीमतों में कमी इस युद्ध को समाप्त कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों ने कई युद्धों को खत्म किया और वे इसके लिए नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।

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