इस साल 338 नामांकनों में कौन हैं प्रमुख दावेदार?
2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई प्रभावशाली नाम चर्चा में हैं। सूडान की इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम्स, जो युद्ध प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, एक मजबूत दावेदार मानी जा रही है। वहीं रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की विधवा यूलिया नवलनाया भी इस सूची में शामिल हैं, जो अपने पति की विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ा रही हैं। इसके अलावा, ऑफिस फॉर डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशंस एंड ह्यूमन राइट्स (ODIHR), जो चुनाव निगरानी और लोकतंत्र की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, भी एक प्रमुख उम्मीदवार है।
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संयुक्त राष्ट्र की संस्थाएं भी हो सकती हैं पुरस्कार की हकदार
वहां कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नोबेल समिति इस बार वैश्विक व्यवस्था के समर्थन में कोई संदेश देना चाहेगी, खासकर उन नेताओं के खिलाफ जो इसे चुनौती दे रहे हैं, जैसे डोनाल्ड ट्रंप। ऐसे में संभावित विजेताओं की सूची में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, यूएनएचसीआर (शरणार्थी मामलों की एजेंसी), यूएनआरडब्ल्यूए (फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी) का भी नाम शामिल है।
हालांकि ठीक इसके इतर कुछ का मानना है कि वैश्विक न्याय या प्रेस स्वतंत्रता को लेकर काम करने वाली संस्थाओं को भी इस बार सम्मान मिल सकता है, जिसमें इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स और रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स का नाम शामिल है।
हो सकता है कोई चौंकाने वाला फैसला?
इतिहास बताता है कि नोबेल समिति कभी-कभी ऐसे लोगों या संगठनों को भी पुरस्कार देती है जिनकी उम्मीद किसी ने नहीं की होती। ऐसे में इस बार भी कोई आश्चर्यजनक नाम सामने आ सकता है। फिलहाल यह तय है कि डोनाल्ड ट्रंप इस बार विजेता नहीं होंगे, भले ही वे खुद को जितना भी योग्य मानें।