फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SDGS: 'भारत सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक कर लेगा हासिल', संयुक्त राष्ट्र में बोले नीति आयोग के उपाध्यक्ष

Tue, 16 Jul 2024 11:48 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

सुमन बेरी ने कहा कि पांच वर्षों में करीब 13.5 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपने प्रयासों के जरिये इन सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है।
विज्ञापन
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सतत विकास पर उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच (एचएलपीएफ) की जनरल डिबेट में मंगलवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के बेरी ने भाग लिया। उस दौरान उन्होंने भारत की सराहना की। कहा कि भारत अपने प्रयासों के जरिये सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है।

विज्ञापन


यह है मंच का लक्ष्य
बता दें, सुमन बेरी आर्थिक तथा सामाजिक परिषद के तत्वावधान में आठ जुलाई से 17 जुलाई तक संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सतत विकास पर उच्च स्तरीय राजनीतिक फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसका विषय 2030 एजेंडा को सुदृढ़ बनाना तथा विभिन्न संकटों के समय में गरीबी उन्मूलन: सतत, लचीले तथा नवीन समाधानों का प्रभावी क्रियान्वयन है।

लक्ष्य 1.2 को हासिल करने की राह पर भारत
बेरी ने कहा, 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में भारत 2030 की समय-सीमा से काफी पहले ही क्षेत्रीय परिभाषाओं के अनुसार सभी आयु वर्गों के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के गरीबी में रहने के अनुपात को कम से कम आधा करने के लक्ष्य 1.2 को हासिल करने की राह पर है।'
विज्ञापन


करोड़ों भारतीय गरीबी से आए बाहर
उन्होंने कहा कि 2015-16 और 2019-21 के बीच पांच वर्षों में करीब 13.5 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपने प्रयासों के जरिये इन सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है। उसने व्यापक स्तर पर भौतिक तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे की सफल पेशकश की, धोखाधड़ी को कम करने के लिए डिजिटल के साथ लक्षित सामाजिक राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र कार्यक्रमों, महिलाओं की एजेंसी में सुधार, सबसे कम विकसित प्रशासनिक क्षेत्राधिकारों पर ध्यान देने और प्राकृतिक तथा मानव निर्मित आपदाओं के लिए स्थानीय व राष्ट्रीय कार्रवाई को मजबूत करने के जरिये सफलता प्राप्त की है।

दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम बना
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में 52 करोड़ से अधिक भारतीयों को नकद रहित स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है। भारत ने वैश्विक महामारी के दौरान और उसके बाद के वर्षों में 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त खाद्य आपूर्ति की गारंटी दी है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम बन गया है।

जलवायु संबंधी कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और अर्थव्यवस्था को कार्बन मुक्त बनाने में भारी निवेश किया है, जबकि भारत में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन सबसे कम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें