जी20 देशों के सामने भारत ने रखा 2023 का एजेंडा
भारत की ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के सामने साल 2023 के एजेंडे का खाका भी रखा। बता दें कि भारत अगले साल इस समूह की अध्यक्षता करने जा रहा है। ऐसे में उसके कार्यों में राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ आर्थिक मुद्दे भी शामिल रहेंगे।
अभी इंडोनेशिया जी20 समूह की अध्यक्षता कर रहा है। आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक से इतर एक प्रेसवार्ता में इंडोनेशिया की वित्त मंत्री श्री मुल्यानी इंद्रावती ने कहा कि बैठक में भारत ने साल 2023 के लिए अपना एजेंडा प्रस्तुत किया। हालांकि इंद्रावती ने इस एजेंडे के बारे में विस्तार में जानकारी देने से इनकार कर दिया।
इंद्रावती ने मीडिया से कहा कि मैं भारत के एजेंडे को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। बस इतना कहूंगी कि हम समूह की अध्यक्षता के लिए उसे और उसके एजेंडे का समर्थन कर रहे हैं। एजेंडे में शामिल कई मुद्दों का हम फिलहाल सामना कर रहे हैं और इनमें से कुछ आने वाले समय में विशेष रूप से साल 2023 में और भी अहम होंगे, क्योंकि मौजूदा आर्थिक हालात पहले से ही चुनौतीपूर्ण हैं। मेरी ओर से भारत को भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
इंडोनेशिया की अध्यक्षता में हुई इस चौथी और आखिरी बैठक में उन्होंने कहा कि हमने कई चुनौतियों का सामना किया है, चाहे फिर वो राजनीतिक टकराव हो, यूक्रेन युद्ध हो, या फिर बिगड़ती आर्थिक स्थिति से पैदा हुई समस्या। हमने हर परिस्थिति में समूह की एकता को बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान मुख्य रूप से छह एजेंडा पर चर्चा हुई। इनमें वैश्विक अर्थव्यवस्था; अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचा, वित्तीय क्षेत्र का विनियमन; अवसंरचना में निवेश; सतत वित्तपोषण; और सतत कराधान शामिल रहे। उन्होंने वैश्विक वित्तीय तंत्र को और मजबूत करने, क्रिप्टो-परिसंपत्तियों से जुड़ी गतिविधियों, उत्पादन बढ़ाने के लिए डिजिटलकरण, टिकाऊ और समावेशी अर्थव्यवस्था और डिजिटल वित्तीय साक्षरता को मजबूत करने की रणनीतियां बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। बता दें कि इंद्रावती और बैंक इंडोनेशिया के गवर्नर पेरी वारजियो ने इस बैठक के सत्रों की सह-अध्यक्षता की।