Nirav Modi in Court: नीरव मोदी को ब्रिटेन की जेल में जरूरी कानूनी कागजात नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उसका बैंक ऑफ इंडिया वाला केस अटक गया है। नीरव के वकील ने कोर्ट में कहा कि इस कारण वह अपना बचाव तैयार नहीं कर पा रहा है। जज ने पुराने सभी कागजात तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
नीरव मोदी को दक्षिण लंदन की एक जेल से अक्तूबर में दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया था। शिफ्टिंग के बाद उसका ज्यादातर कानूनी सामान उसके पास नहीं पहुंचा। नीरव के वकील ने कहा कि वह एक छोटी कोठरी में दो और कैदियों के साथ रहता है और एक छोटी-सी मेज पर ही काम करता है। जेल में इंटरनेट या कंप्यूटर की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में जनवरी 2026 में होने वाला बैंक ऑफ इंडिया वाला केस वह ठीक से नहीं लड़ सकते।
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जज ने कहा कि नीरव मोदी को अपने पुराने नोट्स और दस्तावेज मिलने बहुत जरूरी हैं। जज ने साफ कहा कि अगर कागजात नहीं मिले, तो नीरव मोदी अपना पक्ष ठीक से नहीं रख पाएंगे। कोर्ट ने आदेश दिया कि पिछली जेल से सारे कागजात तुरंत उसकी नई जेल में भिजवाए जाएं।
ट्रायल टालने की मांग पर बहस
कोर्ट में नीरव मोदी के वकील ने कहा कि दस्तावेज़ न मिलने से उसका क्लाइंट भारी नुकसान में है, इसलिए जनवरी वाला ट्रायल आगे बढ़ाया जाए। लेकिन बैंक ऑफ इंडिया के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि नीरव मोदी पहले भी कई बार केस टालने की कोशिश कर चुका है। आगे उन्होंने कहा कि भारत भेजे जाने से पहले यह केस निपटा लेना चाहिए।
अदालत में करी ये अपील
नीरव मोदी ने अपने भारत प्रत्यर्पण (एक्सट्रडिशन) केस को फिर से खोलने की अपील की है। उसका कहना है कि हो सकता है उसे 2026 के अंत से पहले भारत भेजा ही न जाए। वह 2019 से ब्रिटेन में जेल में है और उसकी सारे जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। उसे भगोड़ा हीरा व्यापारी बताया जाता है और उस पर पंजाब नेशनल बैंक के करीब दो अरब डॉलर के घोटाले का आरोप है।
भारत में नीरव मोदी के खिलाफ तीन बड़े आपराधिक मामले चल रहे हैं। पीएनबी घोटाला, मनी लॉन्ड्रिंग और सबूतों से छेड़छाड़। 2021 में ब्रिटेन की सरकार ने उसे भारत भेजने का आदेश भी दिया था। लेकिन अब उसका एक केस फिर से खुल गया है और इस महीने इस पर सुनवाई होगी। ऐसे में अब कि कोर्ट तय करेगा कि उसे भारत भेजा जाए या नहीं।