पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन की कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया। अब नीरव को 24 मई तक लंदन की जेल में रहना होगा। गिरफ्तारी के बाद यह तीसरी बार है जब उसकी जमानत याचिका खारिज हुई है। भगोड़े कारोबारी नीरव को 19 मार्च को लंदन में गिरफ्तार किया गया था। उसके भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है।
कोर्ट में नीरव के वकील पेश हुए जबकि वह खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ। जज एम्मा अर्बथनॉट ने नीरव की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का फैसला सुनाया। भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि नीरव को जमानत दी गई तो वह भाग सकता है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। नीरव ने ऐसे देशों में नागरिकता लेने का प्रयास किया है, जहां भारत यदि उसके प्रत्यर्पण का आग्रह करता तो उसे स्वीकार किए जाने की संभावना कम रहती है। नीरव पिछले साल जनवरी में पीएनबी घोटाले का पर्दाफाश होने से पहले भारत से भाग गया था।
मुंबई में नीरव और मोहुल की 12 कारें नीलाम
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को नीरव और उसके मामा मेहुल चोकसी की 13 में से 12 लक्जरी कारों की ऑनलाइन नीलामी की। इनमें नीरव की 11 और मेहुल की दो कारें हैं। 12 गाड़ियों की बिक्री से ईडी को 3.29 करोड़ रुपये मिले। इससे पहले नीरव की कुछ पेंटिंग भी नीलामी की गई थीं। ईडी ने 22 फरवरी को उसके 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के शेयर, जमा और लक्जरी कारें जब्त की थीं।
माल्या मामले में सुनवाई 2 जुलाई को
लंदन। शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई 2 जुलाई को होगी। माल्या को यह तारीख ब्रिटिश हाईकोर्ट के जज को इस बात के लिए राजी करने के लिए दी गई ताकि वह भारत प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ पूर्ण अपील करने की अनुमति पा सके। इससे पहले हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या के आवेदन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
कोर्ट के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मौखिक रूप से विचार के लिए 2 जुलाई की तारीख तय की गई है। माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग और भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद फरवरी में ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने माल्या को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे।