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New Zealand: न्यूजीलैंड में सबसे बड़ा ड्रग का जखीरा बरामद, इंदिरा गांधी के हत्यारे का भतीजा चला रहा था रैकेट

Mon, 30 Mar 2026 05:04 PM IST
Rahul Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वेलिंगटन

सार

न्यूजीलैंड में अब तक का सबसे बड़ा ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया है। इस बरामदगी के आरोप में एक भारतीय मूल के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी इंदिरा गांधी के हत्यारे का भतीजा बताया जा रहा है। 
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बलतेज सिंह - फोटो : आईएनएस
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विस्तार
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न्यूजीलैंड में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी ने सतवंत सिंह के भतीजे बलतेज सिंह पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित कर दिया है। सतवंत सिंह 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या में शामिल दो सुरक्षाकर्मियों में से एक था।  

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सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा गया कि यह 'अंतरराष्ट्रीय अपराध, ऐतिहासिक विरासत और कानूनी जटिलता' के जटिल मेल को दिखाता है। न्यूजीलैंड के सबसे बड़े न्यूज संगठन 'स्टफ' की जांच का हवाला देते हुए, खालसा वॉक्स रिपोर्ट में कहा गया है कि बलतेज सिंह को रिकॉर्ड तोड़ ड्रग जब्ती के पीछे का मुख्य आरोपी बताया गया है। 28 मार्च को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड के किसी मीडिया आउटलेट ने पहली बार उसका नाम लिया है। इससे पहले, उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए लंबे समय से चले आ रहे कानूनी सुरक्षा को छोड़ने का फैसला किया था।

खालसा वॉक्स रिपोर्ट में बताया गया है, "लगभग दो साल तक, सिंह की पहचान न्यूजीलैंड के सख्त नाम छिपाने वाले कानूनों के तहत सुरक्षित रही। ये कानूनी नियम कोर्ट को किसी आरोपी की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगाने की इजाजत देते हैं। हालांकि, ये सुरक्षा सिर्फ देश में ही लागू होते हैं। भारतीय पब्लिकेशन और कनाडा के सीटीवी न्यूज समेत इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट ने पहले की रिपोर्ट में उनका नाम बता दिया था। 
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रिपोर्ट में आगे कहा गया, विश्लेषक का कहना है कि सिंह का अपनी गोपनीयता बनाए रखने की याचिका वापस लेना एक व्यावहारिक स्थिति को दर्शाता है। उनका मानना है कि जब मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से सामने आ चुका था, तब न्यूजीलैंड के भीतर पहचान छिपाने की कानूनी लड़ाई न केवल महंगी, बल्कि बेअसर भी हो गई थी। 

700 किलोग्राम लिक्विड मेथामफेटामाइन मिला
रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड के अधिकारियों की जांच 2 मार्च, 2023 को एक जानलेवा घटना से शुरू हुई, जब 21 साल के एडेन सागाला की 'हनी बेयर बीयर' लेबल वाले ड्रिंक के कैन में छिपाकर रखे गए लिक्विड मेथामफेटामाइन को पीने के बाद मौत हो गई। यह शुरू में एक दुखद घटना लग रही थी, लेकिन जल्द ही इसकी जांच शुरू हुई और पूरे देश में इस पर चर्चा होने लगी।

इसमें कहा गया, "अधिकारियों ने सोर्स का पता ऑकलैंड में एक स्टोरेज फैसिलिटी से लगाया, जहां उन्हें लगभग 700 किलोग्राम लिक्विड मेथामफेटामाइन मिला। यह न्यूजीलैंड के इतिहास में अपनी तरह की सबसे बड़ी जब्ती थी। ड्रग्स को रोजाना के सामान में बड़ी चालाकी से छिपाकर रखा गया था। इसे अमेरिका से आए कोम्बुचा शिपमेंट, भारत से आए नारियल पानी और कनाडा से भेजे गए हजारों बीयर कैन में रखा गया था।"

दुबई भागने की कोशिश में गिरफ्तार हुआ बलतेज सिंह
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑपरेशन के लिए पुलिस ने 'प्रोजेक्ट लैवेंडर' के तहत बड़े पैमाने पर जांच शुरू की। इसमें बताया गया है, सिंह को ऑकलैंड एयरपोर्ट पर दुबई के लिए बुक की गई फ्लाइट में चढ़ने की कोशिश करते समय पकड़ा गया था। जांच करने वालों का आरोप है कि समय से पता चलता है कि वह देश से भागने की कोशिश कर रहा था। बाद में उसे दोषी ठहराया गया और मेथामफेटामाइन, एफेड्रिन और कोकीन के इंपोर्ट सहित अन्य आरोपों में 22 साल जेल की सजा सुनाई गई।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया, एक सह-आरोपी, हिम्मतजीत जिमी सिंह कहलों को मेथ-लेस्ड कैन बांटने के लिए गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया गया, जिससे सागाला की मौत हुई। उसे 21 साल की सजा मिली।रिपोर्ट में आगे कहा गया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, न्यूजीलैंड पुलिस ने लगभग 180 करोड़ (एनजेड 36 मिलियन डॉलर) की संपत्ति जब्त की, जिसमें रियल एस्टेट भी शामिल है, जिसके ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। रिपोर्ट में कहा गया, "न्यूजीलैंड के लिए, यह मामला न केवल सबसे बड़ी ड्रग जब्ती दिखाता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि कैसे इंटरनेशनल नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं।"
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इनपुट: आईएएनएस

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