न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डन ने 40 साल पहले हुए विमान हादसे के बारे में तत्कालीन सरकार के झूठ बोलने के लिए माफी मांगी है। बता दें कि साल 1979 में न्यूजीलैंड सरकार के स्वामित्व वाला एक विमान अंटार्कटिका में स्थित 3794 मीटर ऊंची माउंट इरेबस की पहाड़ियों में दुर्घटना का शिकार हो गया था। इस हादसे में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
तत्कालीन सरकार और एयर न्यूजीलैंड ने दुर्घटना की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए जांचकर्ताओं से झूठ बोला और उन्हें गलत डेटा मुहैया कराया था। इस दुर्घटना में मरने वालों में ज्यादातर न्यूजीलैंड के निवासी शामिल थे।
शुरुआती जांच में पायलट की गलती इस हादसे की वजह मानी गई, लेकिन रॉयल कमीशन ऑफ इंक्वायरी में सामने आया कि विमान में लगे कंप्यूटर के नेविगेशन सिस्टम में बदलाव और इस बारे में पायलटों को जानकारी न देने से हादसा हुआ।
रॉयल कमीशन ऑफ इंक्वायरी के प्रमुख पूर्व जस्टिस पीटर महोन ने अपनी जांच में बताया कि एयर न्यूजीलैंड के गवाहों ने झूठ बोला और एयरलाइन पर गंभीर आरोप लगाए। लेकिन, उनकी जांच रिपोर्ट को न्यूजीलैंड सरकार ने तब गलत बताते हुए खारिज कर दिया था।
सरकार और एयरलाइन की गलती सामने आने के बाद वर्तमान प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डन ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों से सरकार की तरफ से माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए पायलट जिम्मेदार नहीं थे।