ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जलवायु परिवर्तन पर होने वाली एक महत्वपूर्ण टेलीविजन चुनावी बहस को छोड़ दिया। जिसके बाद उनके स्थान पर कंजर्वेटिव पार्टी के लोगों वाली बर्फ की मूर्ति को रखा गया। जॉनसन के अलावा ब्रेग्जिट नेता निगेल फरागे ने भी बहस में हिस्सा नहीं लिया और उन्होंने भी पार्टी के प्रतीक के साथ बर्फ की मूर्ति का प्रतिनिधित्व किया गया।
जॉनसन की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी ने ब्रिटेन के प्रसारण वॉचडॉग कॉम में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें कहा गया था कि मंत्री माइकल गोवे के चैनल 4 पर जॉनसन के स्थान पर बहस में भाग लेने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया था। यह फैसला लिया गया है कि चैनल 4 प्रभावी रूप से कंजर्वेटिव पार्टी को समाचार बहस में किसी भी प्रतिनिधित्व और उपस्थिति से वंचित करना चाहता है।
जलवायु परिवर्तन की बहस में लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन, लिबरल डेमोक्रेट जो स्विनसन और यूके की अन्य पार्टियों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपनी योजनाओं को साझा किया। चैनल 4 से जब पूछा गया कि उन्होंने बर्फ की मूर्ति क्यों स्थापित की है तो उन्होंने कहा कि यह धरती के आपातकाल का प्रतिनिधित्व करता है।
टीवी की बहस से अनुपस्थिति को लेकर फरागे ने कहा कि उन्होंने यह इसलिए छोड़ी क्योंकि ब्रेग्जिट हमारे युग का एक अहम मुद्दा है और तथ्य यह है कि चैनल 4 उसके बारे में चर्चा नहीं करना चाहता। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब यूरोपियन संसद ने जलवायु आपातकाल घोषित कर दिया है।
जॉनसन की पूर्ववर्ती थेरेसा मे ने भी 2017 के चुनाव से पहले टीवी की किसी बहस में हिस्सा नहीं लिया था। ब्रिटेन में 12 दिसंबर को चुनाव होने वाले हैं। ओपिनियन पोल के अनुसार जॉनसन को चुनावों में अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। वहीं हालिया दिनों में लेबर पार्टी जनता और अपनी बीच के फासलों को भरने की कोशिश कर रही है।