न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को पुलवामा आतंकी हमले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। ये प्रस्ताव विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री विंस्टन पीटर्स लेकर आए थे।
संसद में पीटर्स ने कहा, "मैं इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाता हूं, यह सदन भारतीय सीआरपीएफ पर 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले की निंदा करता है, जिसमें जीवन का बड़ा नुकसान हुआ। हम भारत सरकार के प्रति समन्वय व्यक्त करते हैं। साथ ही जो लोग इससे प्रभावित हुए हैं उनके प्रति अपनी सहानुभूति प्रदान करते हैं।"
बता दें 14 फरवीर को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 40 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।
हमले का बाद दुनिया के कई देश भारत के समर्थन में उतरे हैं। पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ है। फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी समेत कई देशों ने जवानों के शहीद होने पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी का कहना है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ हैं।
आतंकी हमले के जिम्मेदार जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए फ्रांस भी आगे आया है। फ्रांस ने निर्णय लिया है कि जल्द ही वह मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव भेजेगा। ऐसा चौथी बार होगा जब फ्रांस इस तरह का कोई प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र के पास लेकर जाएगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मंगलवार को पुलवामा आतंकी हमले को भयावह करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में रिपोर्ट देख रहे हैं और जल्द ही बयान जारी करेंगे।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के अपने दफ्तर में मीडिया से कहा कि दक्षिण एशिया के दोनों देश अगर साथ आएं तो बहुत अच्छा होगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "मैंने देखा, मुझे इसपर बहुत सी रिपोर्ट मिली है। हम इस मामले में सही समय पर बयान देंगे।"
ट्रंप ने कहा, "वो (आतंकी हमला) एक भयानक स्थिति थी। हमें रिपोर्ट मिल रही हैं। हम इसपर बयान देंगे।" इस हमले पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन भी कह चुके हैं कि अमेरिका आतंक के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है और भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।