प्रवासी के रूप में रहने के लिए दुनिया का सबसे मंहगे शहर का तमगा अब हांगकांग के पास से चला गया है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, साल 2023 के लिए न्यूयॉर्क ने प्रवासी के रूप में रहने के लिए दुनिया के सबसे मंहगा शहर बन गया है। उसने हांगकांग को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में जेनेवा और लंदन तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। वहीं, सिंगापुर टॉप पांच में अंतिम पायदान पर पहुंच गया है।
यह अध्ययन ईसीए इंटरनेशनल ने किया है। ईसीए इंटरनेशनल ने अपनी कॉस्ट ऑफ लिविंग रैंकिंग में न्यूयॉर्क को टॉप पर रहने के पीछे बढ़ती मुद्रास्फीति और बढ़ती आवास लागत को वजह बताया है। बता दें कि बीते साल जारी हुई रैकिंग में सिंगापुर 13वें पायदान पर था। जहां से वह इस बार टॉप पांच में पहुंच गया है। यह कदम एशियाई शहरों के बीच रैंकिंग में गिरावट की एक सामान्य प्रवृत्ति को कम करता है और आंशिक रूप से अन्य क्षेत्रों के सापेक्ष मुद्रास्फीति की कम दरों के लिए जिम्मेदार भी है।
रैंकिंग को लेकर ईसीए इंटरनेशनल के एशिया के क्षेत्रीय निदेशक ली क्वान ने कहा कि दक्षिणपूर्व एशियाई वित्तीय केंद्र का उदय मुख्य रूप से आवास की लागत में बड़ी वृद्धि के कारण था। इन देश किराये के घरों की बढ़ी हुई मांग, क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थानों की तुलना में आंशिक रूप से कोविड-19 प्रतिबंधों में पहले की छूट से संचालित,आवास की आपूर्ति में इसी वृद्धि से मेल नहीं खाती थी।
रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन की आर्थिक नीतियों की वजह से रहने की कीमतों में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण इस साल सबसे बड़ा असर इस्तांबुल में देखा गया। जो बीते साल की रैंकिंग की तुलना में 95 पायदान चढ़कर 108वें स्थान पर पहुंच गया है।
इसके अलावा ईसीए इंटरनेशनल द्वारा किए गए सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि रूसी प्रवासियों की आमद के कारण दुबई का किराया लगभग एक तिहाई बढ़ गया, जिससे शहर 12वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं, अधिकांश यूरोपीय शहरों की रैंकिंग में वृद्धि हुई है। नार्वे और स्वीडिश शहर कमजोर मुद्राओं के कारण रैंकिग में नीचे आ गए हैं। साथ ही अन्य देशों की तुलना में कमजोर मुद्रा और कम मुद्रास्फीति की दर के प्रभाव के कारण चीनी शहर भी रैंकिंग में नीचे आ गए हैं। साथ ही सभी अमेरिकी शहरों के लिए रैंकिंग मजबूत डॉलर और उच्च मुद्रास्फीति की वजह से बढ़ गई है। इसी कारण सैन फ्रांसिस्को शीर्ष 10 से बाहर हो गया।
बता दें कि ईसीए इंटरनेशनल दुनिया भर के 120 देशों और क्षेत्रों में 207 शहरों की रैंकिग जारी करता है। इसके लिए वह उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं की लागत का विश्लेषण करता है, जो आमतौर पर प्रवासियों द्वारा बसाए गए क्षेत्रों में किराये की लागत में फैक्टरिंग करता है।