प्रिंस हैरी
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ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य प्रिंस हैरी इन दिनों अदालती मामलों में उलझे हुए हैं। दरअसल, अमेरिकी कोर्ट एक थिंक टैंक द्वारा प्रिंस हैरी से जुड़ी एक याचिका पर मंगलवार देर रात सुनवाई करेगी। इसमें याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पूर्व में ड्रग्स लेने के खुलासे के बाद हैरी के वीजा आवेदन को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इससे पहले सोमवार को फोन हैकिंग मामले में गवाही के लिए वह लंदन हाईकोर्ट में पेश हुए थे।
प्रिंस हैरी
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प्रिंस हैरी से जुड़ा कोर्ट केस क्या है?
ब्रिटिश राजकुमार हैरी ने जनवरी में अपना संस्मरण 'स्पेयर' जारी किया गया था। इसमें उन्होंने मारिजुआना, कोकीन और साइकेडेलिक मशरूम जैसे ड्रग्स लेने के बारे में लिखा था। पूर्व में ड्रग्स के उपभोग को अमेरिकी वीजा आवेदन को अस्वीकार करने का आधार माना जा सकता है।
इसी आधार पर वाशिंगटन डीसी स्थित एक राजनीतिक शोध समूह हेरिटेज फाउंडेशन द्वारा अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) के खिलाफ केस दायर किया गया। अब इसी मामले की सुनवाई मंगलवार को वाशिंगटन डीसी स्थित संघीय अदालत में होगी। अमेरिका की सुनवाई प्रिंस हैरी और अखबारों द्वारा कथित फोन हैकिंग से जुड़े ब्रिटेन के मुकदमे से अलग है।
Prince Harry and Meghan
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वादी पक्ष के आरोप क्या हैं?
मुकदमे में, फाउंडेशन के वकीलों ने पूछा है कि क्या प्रिंस को वीजा देने में सही नियमों का पालन किया गया था? बता दें कि हैरी जनवरी 2020 में ब्रिटिश राजशाही कर्तव्यों का त्यागकर पत्नी मेगन मर्केल के साथ अमेरिका चले गए। हेरिटेज फाउंडेशन ने यह भी पूछा है कि क्या 'सेलिब्रिटी एलीट' को तरजीह दी जा रही है और क्या डीएचएस निष्पक्ष रूप से - बिना किसी डर या पक्षपात के काम कर रहा है?
बचाव पक्ष ने क्या जवाब दिया?
मुकदमे के जवाब में, डीएचएस ने कहा कि त्वरित रूप से दस्तावेजों को जारी करने की आवश्यकता होती है जिसको पालन करने में हेरिटेज फाउंडेशन विफल रहा। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि आव्रजन दस्तावेजों को जारी करने में व्यापक सार्वजनिक हित जैसा कुछ भी नहीं था।
फाउंडेशन के पहले प्रयास को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा द्वारा ठुकरा दिया गया था। इसमें कहा गया था कि प्रिंस हैरी से जुड़ी जानकारी जारी करने के लिए उनकी सहमति की आवश्यकता है।
प्रिंस हैरी
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हैरी ने ड्रग्स के उपयोग के बारे में क्या कहा है?
38 वर्षीय प्रिंस हैरी ने स्वीकार किया है कि उन्होंने किशोर और वयस्क दोनों रूप में प्रतिबंधित मादक पदार्थों (ड्रग्स) का सेवन किया था। स्पेयर में, उन्होंने बताया कि उन्होंने एक किशोर के रूप में कोकीन का इस्तेमाल किया और ईटन में एक छात्र के रूप में मारिजुआना का सेवन किया। ब्रिटेन में ये दोनों ड्रग्स अवैध हैं। इसके साथ ही उन्होंने 2016 में कैलिफोर्निया की यात्रा के दौरान साइकेडेलिक मशरूम लेने का भी वर्णन किया। कैलिफोर्निया में यह ड्रग भी प्रतिबंधित है।
सांकेतिक तस्वीर
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अमेरिकी वीजा और ड्रग्स के सेवन पर क्या नियम हैं?
ज्ञात ड्रग्स का सेवन गैर-आप्रवासी और अप्रवासी वीजा आवेदनों को अस्वीकार करने के लिए आधार हो सकता है। वीजा आवेदन करते समय वर्तमान और पूर्व में ड्रग्स के सेवन के बारे में पूछा जाता है।
इस बीच, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रिंस हैरी अमेरिका में किस प्रकार के वीजा पर हैं। वहीं, मर्केल एक अमेरिकी नागरिक हैं। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज की आधिकारिक नीतियां कहती हैं कि अगर वीजा आवेदक जो ड्रग सेवनकर्ता या नशेड़ी पाए जाते हैं तो उनका वीजा अस्वीकार्य कर दिया जाएगा। इसमें सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल होने वाली दवाएं छूट के दायरे में आती हैं।
जानकारों के अनुसार, ऐसा करने के लिए अक्सर औपचारिक पुनर्वास कार्यक्रम की आवश्यकता होती है, इसके बाद डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट और एक साल या अधिक समय तक ड्रग पर रोक। फिर भी, यह आव्रजन अधिकारी के विवेक पर निर्भर है कि वे आपको वीजा देना चाहते हैं या नहीं।
आगे क्या होगा?
यह स्पष्ट नहीं है कि जज कब इस बारे में फैसला करेंगे कि दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जा सकता है या नहीं। इस बीच, हेरिटेज फाउंडेशन ने कहा है कि उसका मानना है कि इस मामले को कुछ हफ्तों में सुलझा लिया जाएगा। थिंक टैंक के प्रतिनिधि मंगलवार को सुनवाई के बाद मीडिया को संबोधित करेंगे।
अप्रवासन वकीलों और विशेषज्ञों का मानना है कि जज के हेरिटेज फाउंडेशन के मुकदमे से सहमत होने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों ने कहा कि कभी भी आव्रजन रिकॉर्ड के सार्वजनिक होने के बारे में नहीं सुना गया है। प्रिंस हैरी के मामले में ऐसा करने से भविष्य में दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। रिकॉर्ड में बहुत सारी व्यक्तिगत जानकारी होती है।
लंदन हाईकोर्ट
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सोमवार को ही फोन हैकिंग मामले में गवाही चुके हैं प्रिंस हैरी
इससे पहले सोमवार को प्रिंस हैरी गवाही के लिए लंदन हाईकोर्ट में पेश हुए। ब्रिटिश समाचार पत्र डेली मिरर पर लगे आरोपों के मामलों में गवाही देने प्रिंस लंदन हाईकोर्ट आए थे। ब्रिटिश शाही इतिहास के 130 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है। डेली मिरर के पत्रकारों पर आरोप है कि वे फोन हैकिंग सहित कई गैरकानूनी कामों में लिप्त थे। प्रिंस के वकीलों का आरोप है कि पत्रकारों की जासूसी के कारण उनके निजी जीवन पर बहुत फर्क पड़ा है।