नेपाल के पर्वतारोही 52 वर्षीय कामी रीता शेरपा ने माउंट एवरेस्ट फतह करने का अपना ही रिकॉर्ड फिर से तोड़ दिया है। उन्होंने 26वीं बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने में सफलता हासिल कर ली है। वह दुनिया में सबसे ज्यादा बाद माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले शख्स हैं।
सेवन समिट ट्रेक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक डी शेरपा ने कहा कि कामी रीता और उनके 11 सहयोगियों के समूह ने 8,848.86 मीटर की ऊंचाई वाली चोटी पर शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजे फतह हासिल की।
उन्होंने बताया कि मई से शुरू होने वाले पर्वतारोहण से पहले पर्वतारोहियों की मदद करने के लिए शेरपाओं ने ट्रेकिंग मार्ग के साथ रस्सियों को ठीक करने के लिए भी अभियान चलाया। इस साल नेपाल के पर्यटन विभाग ने एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के लिए 316 लोगों को परमिट जारी किया है। जबकि, पिछले साल जबकि पिछले 408 लोगों को परमिट जारी किया गया था,जो सर्वाधिक था।
रीता ने पहली बार 13 मई, 1994 को एवरेस्ट फतह की थी। एवरेस्ट के अलावा, रीता गॉडविन-ऑस्टेन (के2), ल्होत्से, मानसलु और चो ओयू पर्वत चोटियों पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं।
माउंट एवरेस्ट: इस सीजन में पहले विदेशी पर्वतारोही की मौत
रूसी पर्वतारोही पावेल कोस्त्रीकिन की माउंट एवरेस्ट के कैंप एक में मौत हो गई। नेपाली अधिकारी के मुताबिक मार्च से शुरू हुए पर्वतारोहण के इस मौसम में यह पहले विदेशी पर्वतारोही की मौत हुई है। नेपाल पर्यटन विभाग के अधिकारी भीष्म कुमार भट्टरई के मुताबिक कोस्त्रीकिन (55) की 5,360 मीटर (17,585 फीट) की उंचाई पर स्थित शिविर में शनिवार को मौत हुई। भट्टरई ने कहा कि कैंप दो में कोस्त्रीकिन अस्वस्थ हो गए थे, उन्हें वहां से कैंप एक लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक मौसम साफ होने पर उनके शव को काठमांडो लाया जाएगा। गौरतलब है कि माउंट एवरेस्ट को पहली बार 1953 में फतह करने के बाद से अब तक 10,657 बार फतह की जा चुकी है। जिनमें से कइयों ने कई बार चढ़ाई की। वहीं, अब तक चढ़ाई के दौरान 311 पर्वतारोहियों की चढ़ाई के दौरान मौत हो चुकी है।