नेपाल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस नीत सत्तारूढ़ गठबंधन स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है। गठबंधन ने अब तक घोषित 118 सीटों के नतीजों में से 64 जीत ली हैं।
संसद के 275 सदस्यीय निचले सदन (House of Representatives) की 165 सीटों पर प्रत्यक्ष मतदान से चुनाव हुए। शेष 110 सीटों को आनुपातिक चुनाव प्रणाली के जरिए भरा जाएगा। बहुमत के लिए किसी दल या गठबंधन को 138 सीट जीतना जरूरी है।
प्रत्यक्ष चुनाव के तहत 39 सीटें जीतकर नेपाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। वहीं, गठबंधन की साझेदार सीपीएन माओइस्ट सेंटर और सीपीएन यूनिफाइड सोशलिस्ट ने अब तक क्रमश: 12 व 10 सीटें जीती हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी व राष्ट्रीय जनमोर्चा को दो और एक सीट मिली है। ये सभी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं।
ओली नीत विपक्षी गठबंधन सीपीएन-यूएमएल को 35 सीटें मिली
पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली नीत विपक्षी गठबंधन सीपीएन-यूएमएल को अब तक 35 सीटें मिली हैं। सीपीएन-यूएमएल को अकेली को 29 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, सीपीएन-यूएमएल गठबंधन की साझेदार राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी व जनता समाजवादी पार्टी को क्रमश: चार और दो सीटों पर जीत मिली है।
नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने सात सीटें जीती हैं। जबकि, लोकतंतराय समाजवादी पार्टी और जनमत पार्टी, दोनों मधेसी पार्टियों ने क्रमशः दो और एक सीट जीती है। नागरिक उन्मुक्ति पार्टी को दो और जनमोर्चा और नेपाल मजदूर किसान पार्टी को एक-एक सीट मिली है। पांच सीटों पर निर्दलीय और अन्य ने जीत दर्ज की।
रविवार को नेपाली प्रतिनिधि सभा (HOR) और सात प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए थे। मतगणना सोमवार को शुरू हुई।
शीर्ष नेताओं ने शुरू किए सरकार गठन के प्रयास
इस बीच शीर्ष नेताओं ने सरकार गठन की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष केपी ओली ने गुरुवार को सीपीएन-माओवादी सेंटर के अध्यक्ष पुष्पकमल दहल प्रचंड को फोन किया। दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि सभा के लिए चुने जाने पर एक-दूसरे को बधाई दी।
गठबंधन बनाने की पेशकश
प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने भी प्रचंड और ओली को फोन कर जीत की बधाई दी। तीनों नेताओं ने प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बातचीत के दौरान ओली ने प्रचंड को नई सरकार के गठन के लिए गठबंधन बनाने की पेशकश की। हालांकि, प्रचंड ने इसका जवाब नहीं दिया।