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भारत के 3 इलाकों को अपना बताने वाला विधेयक नेपाल संसद में पेश

Sun, 31 May 2020 01:55 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

  • भारतीय क्षेत्रों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा पर दावा किया है
  • कालापानी भारत का हिस्सा, पर नेपाल भी दावा करता है
  • लिपुलेख से मानसरोवर लिंक रोड के उद्घाटन से बढ़ा विवाद
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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विस्तार
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नेपाल ने भारत के बड़े हिस्से पर दावा करते हुए नक्शे में बदलाव से जुड़ा विधेयक रविवार को संसद में पेश किया। इस नक्शे में भारत के तीन इलाकों को अपनी सीमा के भीतर दिखलाया गया है। ये तीन इलाके कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख हैं जो करीब 395 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले हैं। भारत सीमा विवाद को बातचीत से सुलझाने की पेशकश करता रहा है। पहले विधेयक बुधवार को पेश होना था।

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हालांकि, नेपाली कांग्रेस के कहने पर सदन की कार्यवाही की सूची से हटा दिया गया क्योंकि पार्टी को सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस पर निर्णय लेना था। मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के समर्थन के एलान के बाद रविवार को केपी शर्मा ओली सरकार ने बिल रखा। यह संविधान में दूसरा संशोधन है। इसके जरिए राजनीतिक नक्शे और राष्ट्रीय प्रतीक को बदला जा रहा है। संशोधन के लिए संसद में दो तिहाई वोटों का समर्थन आवश्यक है। संसद में चर्चा और मंजूरी के बाद राष्ट्रपति इस पर दस्तखत करेंगे।

कालापानी भारत का हिस्सा, पर नेपाल भी दावा करता है
भारत-नेपाल के बीच कालापानी मुद्दा फिर सुर्खियों में है। भारत कालापानी को उत्तराखंड के पिथाैरागढ़ जिले का हिस्सा मानता है। वहीं नेपाल धारचूला जिले का भाग बताता है। भारतीय जानकारों का मानना है कि चीन के बहकावे में नेपाल ने अपने नक्शे में बदलाव किया। वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा वामपंथी हैं और भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं।
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लिपुलेख से मानसरोवर लिंक रोड के उद्घाटन से बढ़ा विवाद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर जाने वाले लिंक राेड का उद्घाटन करने के बाद ही नेपाल ने विरोध किया था। उसके बाद 18 मई को नेपाल ने नए नक्शे में यह हरकत कर दी। भारत ने साफ कहा था कि ‘नेपाल को भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। नेपाल के नेतृत्व को ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जिससे बैठकर बात हो सके।''

नए नक्शे में 395 वर्ग किमी भारतीय इलाका, कुछ गांव भी
नेपाल ने हाल ही में नया राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी किया था। इसमें भारत के 395 वर्ग किमी के इलाके को शामिल किया है। इसमें रणनीतिक तौर पर अहम लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी के अलावा गुंजी, नाभी और कुटी गांवों को भी शामिल किया गया है। भारत ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि भूभाग पर एकतरफा दावे को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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