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चीन की नई चाल: अमेरिका को नेपाल की मदद से यूं दे रहा चकमा, प्रतिबंध के बावजूद ईरान से सौदा

Mon, 21 Sep 2020 03:07 PM IST
अनवर अंसारी एएनआई, काठमांडू
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग- नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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चीन नेपाल को सिर्फ भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं करता है, बल्कि उसकी एक नई चाल का खुलासा हुआ है। दरअसल, चीन अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद ईरान से सौदे के लिए भी नेपाली बैंकों और कंपनियों का प्रयोग कर रहा है। 

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'सेंटर फॉर इंवेस्टिगेशन जर्नलिज्म' (सीजेआई) नेपाल, 'इंटरनेशनल कंस्टोर्डियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स' (आईसीआईजे) और बजफीड की संयुक्त खोजबीन में पता चला है कि नेपाल के कुछ बैंक और कंपनियां विदेशों से संदिग्ध रूप से प्राप्त धन को हस्तांतरित कर रही हैं।


रविवार को जारी जांच रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि कुछ नेपाली बैंक और कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंध को चकमा देकर ईरान और चीन के बीच व्यापार कराने में जुटी हैं। अमेरिका में वित्तीय लेनदेन सिस्टम की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था 'फाइनेंशल क्राइम इंफोर्समेंट नेटवर्क' के शीर्ष गुप्त दस्तावेज के आधार पर तैयार रिपोर्ट को 'फिनसेन फाइल्स' नाम दिया गया है। 
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'फिनसेन फाइल्स' के मुताबिक, दिसंबर 2006 और मार्च 2017 के बीच नेपाल में 9 बैंक, 10 कंपनियों और कई व्यक्तियों ने सीमा पार व्यापार के नाम पर कई संदिग्ध लेनदेन किए। नेपाल पर जारी 25 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है, नेपाल की कुछ इकाइयां सोने, पुराने सामान, बिटुमन, टेलिकम्युनिकेशन उपकरण की तस्करी में जुटी हैं। 

इसके अलावा, चार्टर्ड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, प्राइम बिजनेस फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ऑफ काठमांडू, नेपाल फंडिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, एवरेस्ट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, मेगा फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, हिमालयन फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट, कास्की की एपेक्स ग्रोथ फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट और नेपाल बांग्लादेश फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट आदि इस लिस्ट में शामिल हैं, जो संदिग्ध रूप से पैसे ट्रांसफर करने में जुटे हैं। 

'फिनसेन फाइल्स' में बताया गया है कि 10 नेपाली कंपनियां प्रत्यक्ष रूप से संदिग्ध लेनदेन में शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन बैंकों और कंपनियों के जरिए पिछले 11 सालों में 292.7 मिलियन डॉलर का लेन-देन हुआ। 

इन कंपनियों में राउनियर ब्रदर्स एंड कंपनी, शुभ समृद्धि ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड, शासता ट्रेडिंग कंपनी, सेतीदेवी एक्सपोर्ट इंपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, वूमन्स पेपर क्राफ्ट, एकमी मनी ट्रांसफर सर्विस और सन्नी एंटरप्राइजेज शामिल हैं, जो संदिग्ध सीमा पार लेनदेन कर रही हैं।  

इन कंपनियों में से राउनियर ब्रदर्स एंड कंपनी, शुभ समृद्धि ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड पारसा जिले की हैं और इसने कथित तौर पर दुबई की एक कंपनी 'काइट इंटरनेशनल एफजेडई' से लेनदेन किया, जिसका मुख्य कारोबार पेट्रोलियम उत्पादों जैसे बिटुमेन, तेल आदि का आयात-निर्यात है। 

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