यूएमएल के विदेश संबंध विभाग के प्रमुख राजन भट्टराई के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री ओली से मुलाकात के दौरान लू ने एमसीसी करार में नेपाल के शामिल होने को लेकर उन्हें बधाई दी। एमसीसी करार को संसदीय मंजूरी देने का यूएमएल ने कड़ा विरोध किया था। बाद में तत्कालीन शेर बहादुर देउबा सरकार के साथ पार्टी के हुए एक समझौते के तहत यूएमएल इसका समर्थन करने को तैयार हुई थी। संसदीय प्रस्ताव फरवरी 2022 में पारित हुआ था।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक एमसीसी करार को लेकर चीन और नेपाल के रिश्तों में कड़वाहट बनी रही है। जिन दिनों इस समझौते के मंजूरी को लेकर नेपाल में विवाद छिड़ा हुआ था, चीन ने इस बारे में सार्वजनिक बयान जारी किया था। उसने आरोप लगाया था कि अमेरिका इस करार को मानने के लिए नेपाल पर दबाव डाल रहा है। लेकिन नेपाली राजनीतिक दलों ने इस करार को स्वीकार कर लिया। इसे अमेरिका की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा गया था।
शुक्रवार रात लू ने काठमांडू स्थित अमेरिकी राजदूत के निवास पर एक भोज का आयोजन किया, जिसमें नेपाल के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया गया। वहां नेपाली नेताओं की मुलाकात अमेरिकन चैंबर और कॉमर्स के सदस्यों से कराई गई। अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की नेपाली शाखा का गठन दो साल पहले किया गया था। तब बताया गया था कि इसका मकसद नेपाली नागरिकों को आधुनिक कारोबार के कौशल की ट्रेनिंग देना होगा। अमेरिकी राजदूत ने दावा किया कि इसके गठन से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।