सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को नागरिकता कानून के कार्यान्वयन को रोकने के लिए जारी अल्पकालिक अंतरिम आदेश को जारी नहीं रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही देश में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा 31 मई को अनुमोदित नागरिकता अधिनियम लागू करने का रास्ता साफ हो गया। अल्पकालिक अंतरिम आदेश जारी रखा जाए या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश आनंद मोहन भट्टराई और कुमार रेग्मी की संयुक्त पीठ में सुनवाई हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को जारी रखने से इनकार कर दिया। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार शर्मा ने 4 जून को राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित नागरिकता विधेयक को लागू नहीं करने का एक अल्पकालिक अंतरिम आदेश जारी किया था।
बता दें कि नागरिकता विधेयक संघीय संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद 31 जुलाई, 2022 को पहली बार सत्यापन के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी को भेजा गया था। इसके 15वें दिन भंडारी ने विधेयक यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पर पुनर्विचार आवश्यक है। उसके बाद दोनों विधेयक फिर से संघीय संसद द्वारा हूबहू पारित किए गए और मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजे गए थे।