नेपाल के संविधान के तहत सिर्फ नेपाल का नागरिक ही मतदान कर सकता है, चुनाव लड़ सकता है, और राजनीतिक पार्टी बना सकता है। याचिका में दावा किया गया था कि लमिछाने का संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचन और उनका आरएसपी का अध्यक्ष बनना अवैध है।
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने देश के नवनियुक्त उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रबी लामिछाने को उनके पासपोर्ट और नागरिकता के मुद्दे पर पद से बर्खास्त कर दिया है। दरअसल, युवराज पौडेल नाम के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि लमिछाने नेपाल के नागरिक नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लामिछाने के पास अमेरिकी नागरिकता है।
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याचिका में किए गए थे यह दावे
युवराज ने गुजारिश की थी कि लमिछाने को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष पद से तुरंत हटाया जाए। याचिका में इस ओर ध्यान दिलाया गया था कि नेपाल के संविधान के तहत सिर्फ नेपाल का नागरिक ही मतदान कर सकता है, चुनाव लड़ सकता है, और राजनीतिक पार्टी बना सकता है। याचिका में दावा किया गया है कि लमिछाने का संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचन और उनका आरएसपी का अध्यक्ष बनना अवैध है।
इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि लमिछाने ने नेपाल की नागरिकता त्याग दी थी और अब वे अमेरिका के नागरिक हैं। उन्होंने चितवन-2 चुनाव क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करते समय अपनी पुरानी नागरिकता के दस्तावेज पेश किए थे। वहीं लमिछाने का दावा है कि उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता का त्याग कर दिया है और इसका सबूत वे आव्रजन विभाग के सामने पेश कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने नेपाल की अपनी पुरानी नागरिकता को फिर से हासिल कर लिया है। लेकिन इस बारे में उन्होंने चुप्पी साध रखी थी कि क्या उन्होंने नेपाल की नागरिकता का प्रमाण–पत्र नए सिरे से प्राप्त किया है।
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अखबार काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक लमिछाने के खिलाफ इस आरोप में एक शिकायत निर्वाचन आयोग के सामने भी दायर कराई गई थी, लेकिन निर्वाचन आयोग ने यह कहते हुए उस पर कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था कि लमिछाने अब प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। चितवन-2 चुनाव क्षेत्र में लमिछाने ने कम्युनिस्ट पार्टी और नेपाल (यूएमएल) के उम्मीदवार को भारी अंतर से हराया था। लमिछाने एक लोकप्रिय टीवी पत्रकार रहे हैं, जिन्होंने बीते जून में आरएसपी का गठन किया। नवंबर के आम चुनाव में उनकी पार्टी प्रतिनिधि सभा की 20 सीटें जीतने में सफल रही।