प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नए मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया है। नेपाल के कई मंत्रालयों का विलय देश में शासन को अधिक कुशल, समन्वित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जनता की सेवा में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को सरकारी संचालन को सरल बनाने और समन्वय में सुधार के उद्देश्य से मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया है। इस फेरबदल के तहत कई मंत्रालयों का विलय किया गया है।
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नए मंत्रिमंडल में किसे मिले कौन से विभाग?
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने खुद रक्षा, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है। बाकी के 14 मंत्रियों ने राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास, शीतल निवास में आयोजित एक विशेष समारोह में शपथ ली। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले दूसरे स्थान पर और गृह मंत्री सुदन गुरुंग तीसरे स्थान पर शपथ ली।
मंत्रालयों का विलय कर दक्षता और सरलीकरण पर जोर
मंत्रिमंडल के इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इसके तहत कई मंत्रालयों को आपस में मिला दिया गया है:
युवा और खेल मंत्रालय का शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ विलय कर दिया गया है, जिसका नेतृत्व अस्मिता पोखरेल करेंगी।
पेय जल मंत्रालय का स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के साथ विलय किया गया है, जिसका नेतृत्व निशा मेहता करेंगी।
भूमि प्रबंधन, सहकारी और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय को संघीय मामले और सामान्य प्रशासन मंत्रालय के साथ एकीकृत किया गया है, जिसका नेतृत्व प्रतिभा रावल करेंगी।
वन और पर्यावरण मंत्रालय को पहली बार समाप्त कर दिया गया है और इसका कृषि मंत्रालय में विलय कर दिया गया है, जिसका नेतृत्व गीता चौधरी करेंगी।
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मंत्रिमंडल के आकार पर संवैधानिक सीमा
नेपाल के वर्तमान संविधान, जो 2015 में लागू हुआ था, के अनुच्छेद 76 के अनुसार, मंत्रिपरिषद का आकार 25 मंत्रियों तक सीमित है। यह कदम सरकारी ढांचे को सुव्यवस्थित करने और नौकरशाही को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।