लिपुलेख पर अपना आधिकारिक हक बताते हुए नेपाल ने अपना नया राजनीतिक नक्शा जारी किया है। इस नक्शे में लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को भी शामिल किया गया है। भूमि प्रबंधन मंत्री पद्मा आर्याल ने सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह नया नक्शा पेश किया जिस पर कैबिनेट में सहमति भी बनी।
जानकारों का मानना है कि विवाद की मुख्य वजह महाकाली नदी के उदगम से शुरू होती है। नेपाल का कहना है कि नदी का उद्गम लिपुलेख के पास लिम्पियाधुरा से है और यह दक्षिण पश्चिम की तरफ बहती है।
जबकि भारत का दावा है कि महाकाली नदी कालापानी नदी से निकलती है और दक्षिण और पूर्व की तरफ बहती है। 1816 में नेपाल और ब्रिटिश इंडिया के बीच की गई सुगौली संधि के मुताबिक महाकाली नदी भारत और नेपाल दोनों की ही सीमाओं को छूती है – पूर्व की तरफ नेपाल को और पश्चिम की तरफ भारत को।
इसके बाद से यह विवाद लगातार चला आ रहा है और दोनों ही सरकारों ने इससे जुड़े तमाम क्षेत्रों को लेकर कोई सर्वसम्मत रास्ता नहीं निकाला। अब इसे लेकर यह हलचल बीती 8 मई के बाद से काफी बढ़ गई है।