पीएम केपी शर्मा ओली के दशहरा अभिवादन के दौरान नेपाल का पुराना नक्शा दिखाए जाने के दावे को उनके कार्यालय ने खारिज कर दिया है। पीएम कार्यालय ने कहा कि बधाई देते हुए नया नक्शा ही इस्तेमाल किया गया था, लेकिन आकार बेहद छोटा होने के कारण यह ठीक से दिखाई नहीं दिया।
दरअसल, ओली ने शुक्रवार को ट्वीट कर लोगों को दशहरा की बधाई दी थी, जिसमें नेपाल का पुराना नक्शा होने पर उन्हें लोगों की नाराजगी उठानी पड़ी थी। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया था कि भारत के रॉ चीफ सामंत कुमार गोयल से मुलाकात के बाद ओली के कार्यालय ने नए नक्शे को हटा लिया।
पीएम ओली के सलाहकार सूर्या थापा ने शनिवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा, पीएम के ट्वीट में नए नक्शे का ही इस्तेमाल किया गया था। आकार में छोटा होने के कारण इसे पुराना नक्शा समझा गया, अगर इसे बड़ा करके देखा जाए तो इसमें अपडेट इलाके स्पष्ट तौर पर देखे जा सकते हैं। लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाहों से दूर रहना चाहिए। लिहाजा नक्शे को लेकर लोगों में किसी भी तरह का भ्रम नहीं रहना चाहिए, क्योंकि जो नक्शा इस्तेमाल किया गया था, वह वही था जिसे संसद ने मंजूरी दी थी। नेपाल की संसद ने जून में विवादित नये राजनीतिक नक्शे को मंजूरी दी थी, जिसमें भारत के उत्तराखंड में स्थित कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था।