नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड'
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नेपाल की पुष्प कमल दहल सरकार 20 मार्च को विश्वास मत का सामना करेगी। नेपाल प्रधानमंत्री सचिवालय ने यह जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री दहल ने सहयोगी पार्टियों के नेताओं के साथ चर्चा के बाद 20 मार्च को विश्वास मत हासिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि हाल के दिनों में कई सहयोगी पार्टियों ने पुष्प कमल दहल की सरकार वाले सत्ताधारी गठबंधन से नाता तोड़ लिया है। जिसके चलते नेपाल सरकार अल्पमत में आ गई है।
बच सकती है प्रचंड की सरकार
बता दें कि नेपाली संविधान के प्रावधान के अनुसार, अगर सरकार से कोई पार्टी समर्थन वापस ले लेती है तो सरकार को 30 दिनों के भीतर विश्वास मत हासिल करना होता है। प्रचंड को सरकार बचाने के लिए 138 वोटों की दरकार है। हालांकि नेपाली कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के समर्थन से सरकार बचाने में सफल हो सकते हैं। नेपाली कांग्रेस के पास 89 वोट हैं, तो वहीं प्रचंड की पार्टी सीपीएन-माओवादी के पास 32 और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के पास 29 वोट हैं। इस तरह प्रचंड की सरकार को 141 वोट मिल सकते हैं और वह सरकार बचाने में सफल हो सकते हैं।
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राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई गठबंधन में टूट
उल्लेखनीय है कि करीब तीन महीने पहले ही पुष्प कमल दहल ने केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल और अन्य सहयोगी पार्टियों के साथ सरकार बनाई थी। हालांकि सभी को चौंकाते हुए दहल ने राष्ट्रपति चुनाव में सहयोगी पार्टी सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार सुभाषचंद्र नेम्बांग की जगह नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार रामचंद्र पौडेल को समर्थन दे दिया। इससे गठबंधन में टूट हो गई और केपी शर्मा ओली के समर्थन वाली सीपीएन यूएमएल ने सरकार से समर्थन ले लिया। इससे पहले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने भी प्रचंड सरकार से समर्थन ले लिया था।