फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nepal Politics: नेपाली कांग्रेस में खींचतान, गठबंधन बचाने की कोशिश में कहीं पार्टी ही न टूट जाए

Mon, 29 Aug 2022 04:05 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

Nepal Politics: नेपाल में आम चुनाव 20 नवंबर को होगा। उस रोज संघीय संसद की 165 सीटों के प्रत्यक्ष निर्वाचन के लिए मतदान होगा। सत्ताधारी गठबंधन में पांच दल हैं, जिन्होंने अपनी तरफ से सीटों का दावा पेश कर दिया है...
विज्ञापन
Nepal Politics: शेर बहादुर देउबा - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगले आम चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे के सवाल पर सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस में प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को जोरदार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। देउबा विरोधी गुट की शिकायत है कि नेपाली कांग्रेस वाले गठबंधन को कायम रखने की फिक्र में प्रधानमंत्री सहयोगी दलों को ज्यादा सीटें देने की लिए राजी दिख रहे हैं। इस गुट के नेताओं को अंदेशा है कि ऐसा सीटों के उनके दावे की बलि चढ़ा कर ऐसा किया जाएगा।

नेपाल में आम चुनाव 20 नवंबर को होगा। उस रोज संघीय संसद की 165 सीटों के प्रत्यक्ष निर्वाचन के लिए मतदान होगा। सत्ताधारी गठबंधन में पांच दल हैं, जिन्होंने अपनी तरफ से सीटों का दावा पेश कर दिया है। उनके दावे पर विचार करने के लिए पार्टी ने एक टास्क फोर्स बनाई है। नेपाली कांग्रेस के देउबा विरोधी गुट का कहना है कि गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे के मुद्दे पर प्रधानमंत्री बेहद लचीला रुख अपना रहे हैं। उनकी प्राथमिकता गठबंधन बनाए रखने की है, ताकि वे फिर से प्रधानमंत्री बन सकें।

देउबा विरोधी माने जाने पार्टी के महासचिव गगन थापा ने कहा है कि नेपाली कांग्रेस को 100 से एक भी कम सीट लेने पर तैयार नहीं होना चाहिए। जबकि नेपाली मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक टास्क फोर्स में शामिल नेपाली कांग्रेस के प्रतिनिधि ने संकेत दिया है कि पार्टी 90 सीटों पर रजामंद हो सकती है। गगन थापा ने दो टूक कहा है कि अगर 100 से कम सीटों पर पार्टी राजी हुई, तो नेपाली कांग्रेस में असंतोष भड़क उठेगा।

नेपाली कांग्रेस के नेता शशांक कोइराला ने कहा है कि सीट बंटवारे का आधार 2017 के चुनाव नतीजे नहीं हो सकते। बल्कि मई में हुए स्थानीय चुनावों को इसका आधार बनाया जाना चाहिए। इसलिए पार्टी को 95-100 सीटें मिलनी चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता शेखर कोइराला बीते शनिवार को ही कहा था कि नेपाली कांग्रेस को 100 से कम सीटों पर राजी नहीं होना चाहिए। शेखर कोइराला ने यह भी कहा- ‘नेपाली कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है। इसलिए हम 100 सीट से कम पर राजी नहीं हो सकते।’

लेकिन बताया जाता है कि प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष देउबा इस मामले में जिद दिखाने के पक्ष में नहीं हैं। उनके समर्थक माने जाने वाले नेता मिन बहादुर विश्वकर्मा ने अखबार काठमांडू पोस्ट से बातचीत में कहा- ‘हमारे पार्टी अध्यक्ष की राय है कि गठबंधन का टूट जाना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। सीटों का बंटवारा जल्द पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि सभी पार्टियां समझदारी और लचीलापन दिखाएं।’

पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के एक सदस्य ने मीडियाकर्मियों से कहा- ‘पार्टी के अंदर देउबा पर 100 सीटों के दावे पर अडिग रहने के लिए दबाव बढ़ रहा है। नेताओं ने देउबा से साफ कह दिया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो पार्टी नेताओं को एकजुट रखना पाना मुश्किल हो जाएगा।’ गठबंधन में शामिल दलों ने जो दावा पेश किया है, उसके मुताबिक नेपाली कांग्रेस 100, नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओइस्ट सेंटर) 60, नेपाली की कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड सोशलिस्ट) 40, जनता समाजवादी पार्टी 32 और राष्ट्रीय जन मोर्चा दो सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें