Nepal: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव में भाग लेकर उसे सफल बनाने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शनिवार को देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं से अपील की कि वे आगामी आम चुनाव में भाग लेकर इन्हें सफल बनाएं। उन्होंने बैठक में मौजूद नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के समन्वयक पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' को भरोसा दिलाया कि अंतरिम सरकार तय कार्यक्रम के अनुसार पांच मार्च को आम चुनाव को कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नेताओं से चुनाव में भाग लेने का आग्रह किया।
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बैठक प्रधानमंत्री कार्यालय बालुवाटार में हुई। इस दौरान अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा, किसी भी कीमत पर इस चुनाव को सफल बनाना है। सभी को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। सरकार का मानना है कि आप चुनाव के लिए तैयार हैं और इसके लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव को देश के भविष्य से जोड़कर देखा जाना चाहिए, ताकि स्थिर और स्थायी लोकतंत्र सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग और सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और हाल के दिनों में सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है। बैठक के बाद संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल ने मीडिया को बताया कि सभी नेताओं ने आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव को सफल बनाने पर सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में हिस्सा लेगी। उन्होंने सरकार से अनुकूल माहौल बनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि सरकार सुरक्षा सहित चुनाव के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के समन्वयक प्रचंड ने भी कहा कि वे आम चुनाव में भागीदारी को प्राथमिकता देते हैं।
यह बैठक उस समय हुई, जब जेन-जी आंदोलन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद पहली बार पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेता प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास बालुवाटार पहुंचे। आठ और नौ सितंबर को नेपाल में जेन-जी आंदोलन हुआ। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।