नेपाल के केबल टेलिविजन ऑपरेटरों ने सोमवार को भारत के निजी समाचार चैनलों पर लगाए गए प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटा लिया है। नेपाल के टेेलिविजन ऑपरेटर संगठन के उपाध्यक्ष ध्रुब शर्मा ने बताया कि केबल ऑपरेटर संघ ने बैठक कर भारतीय समाचार चैनलों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का फैसला लिया, हालांकि कुछ समाचार चैनलों पर यह प्रतिबंध लगा रहेगा। उन्होंने कहा, आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले कुछ समाचार चैनलों पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
मालूम हो कि गुरुवार को केबल टेलिविजन ऑपरेटरों ने दूरदर्शन को छोड़कर भारत के सभी निजी समाचार चैनलों पर उनकी खबरों के जरिये नेपाल के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। इस कार्रवाई पर नेपाल के संचार और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार जताया था। ।
शुक्रवार को नेपाल ने भारत को एक कूटनीतिक नोट भेजकर अनुरोध किया था कि वह ऐसे प्रसारणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करे जो कि फर्जी, तथ्य रहित, असंवेदनशील एवं अपमानजनक समाचार का प्रसारण कर रहे हैं। मंत्रालय ने अपने नोट में कहा कि ऐसी सामग्री न केवल भ्रामक और गलत सूचना है बल्कि न्यूनतम सार्वजनिक शालीनता की भावना को भी खराब करती है।
मालूम हो कि भारत और नेपाल के रिश्तों में इन दिनों तनाव चल रहा है। नेपाल दावा कर रहा है कि भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लिपुलेख को धारचुला से जोड़ने वाली जिस सड़क का उद्घाटन किया था वह उसका क्षेत्र है। भारत ने नेपाल के इस दावे को नकारते हुए कहा कि यह सड़क भारतीय क्षेत्र में है।