नेपाल में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियों ने चुनाव लड़ने के लिए जितनी सीटें मांगी हैं, उससे गठबंधन के आगे बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले इस गठबंधन में पांच पार्टियां शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि पार्टियों ने सौदेबाजी में अपनी स्थिति मजबूत करन के लिए अधिकतम सीटों की मांग रखी है। इसलिए गठबंधन के नेताओं को कड़ी सौदेबाजी से गुजरना होगा।
नेपाल में संघीय संसद और प्रांतीय असेंबलियों के लिए आम चुनाव अगले 20 नवंबर को होगा। उस रोज संघीय संसद की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों के लिए मतदान होगा। बाकी 100 सीटों का आवंटन पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर होगा। अभी 165 सीटों के लिए पार्टियों ने अपनी इच्छा सूची सौंपी है। इनमें जो दावे किए गए हैं, उनमें 234 सीटों की मांग हैं।
सत्ताधारी गठबंधन ने इसी गुरुवार को सीटों का बंटवारा तय करने के लिए एक कार्य दल का गठन किया था। शुक्रवार को पार्टियों ने अपनी लिस्ट उसे सौंप दी। गठबंधन के बड़े नेताओं ने टास्क फोर्स से कहा है कि वह सभी चुनाव क्षेत्रों की स्थिति का गंभीरता से अध्ययन करे और उसके बाद अपना सुझाव सर्वोच्च नेतृत्व को सौंपे।
गठबंधन में शामिल दलों में राष्ट्रीय जन मोर्चा भी है। उसके नेता हिमालाल पुरी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ने के लिए दो सीटों की मांग की है। उन्होंने बताया कि नेपाली कांग्रेस ने 100, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) ने 60, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) ने 40 और जनता समाजवादी पार्टी ने 32 सीटों की मांग की है। पुरी ने कहा कि पार्टियों ने शुरुआत में अपनी वास्तविक उम्मीद से अधिक सीटों की मांग रखी है।
अगले 20 नवंबर को संघीय संसद की 165 सीटों के अलावा सातों प्रांतों की प्रांतीय असेंबलियों की 330 सीटों के लिए भी चुनाव होगा। टास्क फोर्स से इन सभी चुनाव क्षेत्रों के समीकरणों का भी गंभीरता से अध्ययन करने को कहा गया है। टास्क फोर्स कहा गया है कि हर चुनाव क्षेत्र में गठबंधन के पांचों दलों की असली ताकत क्या है, इसका अंदाजा वह लगाए। प्रांतीय असेंबलियों में कुल मिला कर 550 सीटें हैं। उनमें से 220 सीटों का आवंटन पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के अनुपात में किया जाएगा।
11 सदस्यों वाले टास्क फोर्स में शामिल नेताओं ने ज्ञानेंद्र बहादुर कारकी भी हैं। उन्होंने अखबार काठमांडू पोस्ट से बातचीत में कहा- ‘हमसे सभी चुनाव क्षेत्रों में पार्टियों की वर्तमान स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। रिपोर्ट तैयार कर हम उसे पेश करेंगे।’
खबरों के मुताबिक सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने इस हफ्ते लगभग हर रोज अपनी बैठक की है। उनका मकसद सीटों का बंटवारा जल्द तय करने का है। जनता समाजवादी पार्टी के नेता रकम चामलोंग ने पत्रकारों को बताया- ‘पार्टियों ने अभी अपना दावा पेश किया ही है। मेरी राय में इसका आकलन करने में टास्क फोर्स को कुछ वक्त लगेगा। पहले संघीय प्रतिनिधि सभा के सीटों को तय किया जाएगा। उसके बाद प्रांतीय सीटों पर चर्चा शुरू होगी।’