श्रीलंका में आर्थिक संकट से राहत पाने के लिए हाथ-पांव मार रही रानिल विक्रमसिंघे सरकार ने अब देश में खेल खेलना मुश्किल बना दिया है। इससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में गहरी नाराजगी है। आरोप है कि सरकार ने बिना दिमाग लगाए मनमाने ढंग से ये फैसला कर लिया। इसके फैसले के तहत देश में कई प्रकार की गेंदों के आयात पर रोक लगा दी गई है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गेंदों का आयात रखने का फैसला मंत्रिमंडल ने बीते 23 अगस्त को किया था। बाद में उसका गजट जारी किया गया। इस फैसले के मुताबिक गोल्फ और टेबल टेनिस जैसे खेलों में इस्तेमाल होने वाली गेंदों का आयात तो किया जा सकेगा, लेकिन क्रिकेट, लॉन टेनिस, फुटबॉल और रग्बी की गेंदों का अब आयात प्रतिबंधित होगा। जिन गेंदों को हवा भर कर फुलाया जाता है, उनका आयात भी रोक दिया गया है।
खेल टीकाकारों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए पूछा है कि गोल्फ की गेंद को इस फैसले से क्यों बाहर रखा गया? क्या इसका कारण यह है कि गोल्फ धनी लोग खेलते हैं? श्रीलंका के सेंट्रल बैंक ने कुछ समय पहले विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकार के पास आयात प्रतिबंध सख्त करने की सिफारिश भेजी थी। उसी के मुताबिक ये फैसला किया गया। लेकिन इसको लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उन पर ना तो वित्त मंत्रालय और ना ही सेंट्रल बैंक ने कोई स्पष्टीकरण दिया है।
वेबसाइट इकॉनमीनेक्स्ट.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक गोल्फ से जुड़े निहित स्वार्थों की लॉबिंग के कारण ये खेल ताजा फैसले से प्रभावित होने से बच गया। बल्कि एक सूत्र के हवाल से वेबसाइट ने कहा है कि सेंट्रल बैंक के बड़े अधिकारी गोल्फ प्रेमी हैं। उनमें से कई अधिकारियों को हर सुबह कोलंबो स्थित रॉयल गोल्फ क्लब जाते देखा जाता है।
उधर प्रतिबंध का यह फैसला टेनिस, बैडमिंटन या ऐसे किसी खेल में इस्तेमाल होने वाले रैकेट पर भी लागू होगा। इसके तहत स्ट्रिंग्स वाले या बिना स्ट्रिंग्स वाले हर तरह के रैकेट का आयात रुक जाएगा।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि बॉल आयात रोकने का फैसला वाहनों और मशीनों में इस्तेमाल होने वाले बॉल पर भी लागू हुआ है। छोटे से छोटे बॉल का आयात प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां तक कि वाहनों और मशीन में इस्तेमाल होने वाले स्क्रू का आयात भी रोक दिया गया है।
पिछले हफ्ते सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के गवर्नर नंदलालस वीरासिंघे ने कहा था कि देश में विदेशी मुद्रा की स्थिति सुधरी है। अब कॉमर्शियल बैंकों के पास ईंधन, अनाज और दवाओं का आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा है। इसके बावजूद बैंक ने खेल सामग्रियों पर रोक की सिफारिश की। उसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। लेकिन ऐसा करते हुए धनी लोगों के साथ जो पक्षपात किया गया है, उससे देश के कई तबकों में नाराजगी है। विश्लेषकों ने कहा है कि इस फैसले का खिलाड़ियों के प्रैक्टिस पर बहुत खराब असर पड़ेगा। इससे जो खेल प्रभावित होंगे, उनमें क्रिकेट भी है, जो श्रीलंका में सबसे लोकप्रिय खेल है।