नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सरकार के उस फैसले के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया जिसमें उसने भारत को रेत, गिट्टी और पत्थरों के निर्यात करने का निर्णय लिया था। सरकार ने यह कदम बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए उठाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश पर्यावरणविदों और विपक्षी नेताओं के आपत्ति जताने के बाद दिया। इन लोगों ने अपनी याचिका में कहा था कि सरकार के इस कदम से गंभीर पर्यावरणीय नुकसान पहुंचेगा।
चीफ जस्टिस चोलेंद्र एसजेबी राणा, जस्टिस मीरा खडका, हरि कृष्ण कर्की और बिश्वंभर प्रसाद श्रेष्ठ की संयुक्त पीठ ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार से कहा कि वह निर्यात के लिए रेत, पत्थर, गिट्टी निकालने से जुड़ी अपनी नीति पर तब तक अमल न करे जबकि वह इस मामले में कोई अंतिम फैसला न दे दे।
वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री बिष्णु पौडेल ने एलान किया था कि सरकार व्यापार घाटा कम करने के लिए इन सामग्रियों का निर्यात करेगी। मौजूदा समय में नेपाल ने रेल, गिट्टी और पत्थरों के निर्यात पर पाबंदी लगाई हुई है।