भारतीय मूल की 20 वर्षीय बेटी नित्शा मुलियाशा
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इस्राइल में जहां हमास के आतंकियों के खिलाफ जंग जारी है वहीं भारतीय मूल की 20 वर्षीय बेटी नित्शा मुलियाशा भी इस लड़ाई का हिस्सा हैं।
तेल अवीव में बसीं नित्शा इस्राइली सेना में भर्ती होने वाली पहली गुजराती लड़की हैं। उनके पिता जीवाभाई मुलियाशा ने बताया कि यह सब इस्राइली शिक्षा प्रणाली की बदौलत संभव हुआ है।
नित्शा के पिता ने बताया कि स्कूली शिक्षा के दौरान बच्चों के रुझान और कौशल की दक्षता जांचने के लिए यहां कई परीक्षण होते हैं, जिससे उनको उचित पाठ्यक्रम और करियर चुनने में सहूलियत होती है। रिपोर्ट के मुताबिक नित्सा को आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने और युद्ध के मैदान में बहुआयामी क्रियाकलापों को अंजाम देने की ट्रेनिंग मिली हुई है।
उनके पिता ने बताया कि दो साल चार महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद फौजियों को पांच साल या 10 साल का अग्रीमेंट साइन कराया जाता है। इसके तहत वे मेरिट के आधार पर अपनी पसंद का कोई भी कोर्स, इंजिनियरिंग, मेडिसिन या अन्य चुन सकते हैं। इस्राइली सेना ने उनकी शिक्षा का सारा खर्च उठाया। जीवाभाई ने बताया कि उनकी बेटी दो साल में लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और मिस्र सीमा पर भी तैनात रह चुकी है।
नित्शा की बहन रिया ने भी ज्वाइन की आर्मी
जीवाभाई मुलियाशा ने बताया कि नित्शा की छोटी बहन रिया ने इसी साल 12वीं पास करने के बाद आर्मी ज्वाइन की है। उसकी ट्रेनिंग अभी चल रही है। बता दें कि इस्राइल में 18 साल की उम्र से ऊपर के सभी लोगों को सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य है। चारों तरफ से शत्रुओं से घिरे होने की वजह से इस्राइल में यह सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।