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Nepal: माउंट एवरेस्ट समेत चार पहाड़ियों से निकला 34 टन कचरा, नेपाल सेना और शेरपाओं की टीम ने चलाया सफाई अभियान

Mon, 06 Jun 2022 08:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

सेना के 30 जवानों और 48 शेरपाओं की एक टीम सफाई अभियान में लगी हुई थी। टीम में चार डॉक्टर भी शामिल थे। टीम ने रविवार को अभियान की समाप्ति के मौके पर नेपाल के थल सेना प्रमुख प्रभु राम शर्मा को झंडा सौंपा।
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'सफा हिमाल अभियान 2022' के दौरान 33.8 टन कचरा एकत्र हुआ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विश्व पर्यावरण दिवस पर संपन्न हुए एक सफाई अभियान के तहत नेपाल में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट समेत चार पहाड़ों से लगभग 34 टक कचरा एकत्र किया गया है। 
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नेपाल सेना के नेतृत्व में एक टीम ने 'सफा हिमाल अभियान 2022' के दौरान 33.8 टन कचरा एकत्र किया। इस अभियान को 5 अप्रैल को शुरू किया गया था। साल 2019 में शुरू हुआ यह अभियान 2020 में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रुका हुआ था। इस साल जमा कूड़ा सबसे ज्यादा है। सेना ने यहां एक बयान में बताया कि 2019 में लगभग 10 टन और पिछले साल 27 टन से अधिक कचरा एकत्रित किया गया था। 

'सफा हिमाल अभियान 2022' रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर संपन्न हुआ है। नेपाल सेना और शेरपाओं की एक संयुक्त टीम ने माउंट एवरेस्ट, ल्होत्से, कंचनजंगा और मनासलू से 33,877 किलोग्राम कचरा एकत्र किया। 
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सफाई अभियान में लगी ये टीम
सेना के 30 जवानों और 48 शेरपाओं की एक टीम सफाई अभियान में लगी हुई थी। टीम में चार डॉक्टर भी शामिल थे। टीम ने रविवार को अभियान की समाप्ति के मौके पर नेपाल के थल सेना प्रमुख प्रभु राम शर्मा को झंडा सौंपा। सेना प्रमुख शर्मा ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय क्षरण के कारण पर्यावरण में संतुलन बनाए रखना इंसानों का सर्वोच्च कर्तव्य है। 

दो मानव कंकाल भी मिले
बयान में कहा गया है कि दो तरह का कचरा (सड़ांध और गैर सड़ांध) पहाड़ों से एकत्र किया गया। कचरे का प्रबंधन अलग से किया गया था और कुछ कचरे का प्रबंधन अभी भी किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि माउंट एवरेस्ट और  ल्होत्से की चोटियों को साफ करने में टीम को 55 दिन लगे और कंचनजंगा और मानसलू में क्रमश: 44 और 43 दिन लगे। अभियान के तीसरे चरण के दौरान कंचनजंगा पर दो मानव कंकाल भी पाए गए।

सफाई के लिए अलग बटालियन की जरूरत
सेना ने कहा, 'बायोडिग्रेडेबल कचरे को संबंधित स्थानीय सरकारों को सौंप दिया गया था जबकि गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए विभिन्न संगठनों को दिया गया। कुछ कचरे को सौंपना बाकी है।'  ''माई रिपब्लिका'' अखबार ने बताया, ''पर्यटन विभाग के महानिदेशक तारानाथ अधिकारी ने कहा कि पहाड़ों के संरक्षण और सफाई के लिए अलग बटालियन या कंपनी की जरूरत है।"
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