जानकारी के मुताबिक, काठमांडू जाने वाली एक बस और राजधानी से गौर जाने वाली दूसरी बस सुबह करीब साढ़े तीन बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। काठमांडू जाने वाली बस में 24 लोग और गौर जाने वाली बस में 41 लोग सवार थे। बताया यह भी जा रहा है कि दूसरी बस में सवार तीन यात्री कूदकर भागने में सफल रहे। बीरगंज से काठमांडू जा रहे 21 यात्रियों के बारे में जानकारी मिली है। हालांकि, पुलिस ने बताया है कि बस में सवार यात्रियों में सात भारतीय नागरिक भी थे।
त्रिशूली नदी में बस के लापता होने पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने तत्काल खोज और बचाव अभियान के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक भावेश रिमल ने कहा कि नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान बचाव अभियान के लिए घटनास्थल की ओर बढ़ रहे हैं। नारायणघाट-मुगलिंग सड़क खंड पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है।
इस बीच एक अलग घटना में गुरुवार को कास्की जिले में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में मानसून आपदाओं की वजह से एक दशक में 1,800 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस दौरान लगभग 400 लोग लापता हो गए तथा 1,500 से अधिक लोग आपदा में घायल हो गए।
इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने ट्वीट किया कि नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड पर भूस्खलन में बस के बह जाने से लगभग पांच दर्जन यात्रियों के लापता होने की रिपोर्ट और देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण संपत्तियों के नुकसान से मैं बहुत दुखी हूं। मैं गृह प्रशासन सहित सरकार की सभी एजेंसियों को यात्रियों की खोज और प्रभावी बचाव के निर्देश देता हूं।
खराब मौसम के कारण राहत-बचाव कार्य में अड़चन
जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव कर्मी घटनास्थल पर हैं और तलाशी अभियान चल रहा है। लगातार बारिश के कारण लापता बसों की तलाश में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।